Friday, April 24, 2026
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नेपाल, भारत और श्रीलंका में प्रमुख बौद्ध स्थलों के लिए हार्टफुलनेस भगवान बुद्ध त्रि-सेवा मोटरसाइकिल अभियान

हार्टफुलनेस लॉर्ड बुद्धा ट्राइनेशन ट्राई-सर्विसेज मोटरसाइकिल अभियान नेपाल, भारत और श्रीलंका को उनकी साझा बौद्ध विरासत के माध्यम से एक यात्रा में एकजुट करने वाली एक ऐतिहासिक और अनूठी पहल है। संयोजक श्री राहुल लक्ष्मण पाटिल के नेतृत्व में अभियान का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) और अन्य भागीदारों के सहयोग से किया जा रहा है।

यह यात्रा 16 फरवरी 2025 को भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी, नेपाल से शुरू होगी, जो बौद्ध धर्म के ऐतिहासिक प्रसार का प्रतीक है और इन देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करता है। यह अभियान नेपाल, भारत और श्रीलंका में महत्वपूर्ण बौद्ध विरासत स्थलों को कवर करेगा।

अभियान का भारतीय अध्याय भारतीय भूमि बंदरगाह प्राधिकरण (गृह मंत्रालय के अधीन) और नालंदा विश्वविद्यालय, राजगीर (विदेश मंत्रालय के अधीन) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसमें रणनीतिक भागीदार के रूप में बिम्सटेक और मार्गदर्शक संस्थान के रूप में आईबीसी है। मार्ग में प्रमुख बौद्ध स्थल शामिल होंगे जैसे:

  • सारनाथ, उत्तर प्रदेश- बुद्ध के प्रथम उपदेश का स्थल
  • बोधगया, बिहार- बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति का स्थान
  • नालंदा, बिहार- प्रसिद्ध प्राचीन बौद्ध विश्वविद्यालय
  • नागार्जुन सागर, आंध्र प्रदेश- एक महत्वपूर्ण बौद्ध शिक्षण केंद्र
  • उदयगिरि, ओडिशा- एक महत्वपूर्ण बौद्ध मठ स्थल
  • कर्नाटक- भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत को दर्शाते विभिन्न बौद्ध स्थल

पूर्व राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद के नेतृत्व में आधिकारिक ध्वजारोहण 19 फरवरी 2025 को बोधगया में इस प्रतिष्ठित बौद्ध तीर्थ स्थल पर किया जाएगा। इसके बाद अभियान श्रीलंका जाएगा, जहाँ जाफना में इसका औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इस आयोजन का श्रीलंकाई चरण तीन देशों के बीच स्थायी बौद्ध संबंधों को उजागर करेगा और सांस्कृतिक कूटनीति को और बढ़ावा देगा।

  • हार्टफुलनेस लॉर्ड बुद्धा ट्रिनेशन ट्राई-सर्विसेज मोटरसाइकिल अभियान का उद्देश्य है:
  • बुद्ध की शिक्षाओं के माध्यम से शांति और सद्भाव को बढ़ावा देना
  • दक्षिण एशिया में सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन को बढ़ाना
  • पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के बारे में जागरूकता बढ़ाना
  • भारत, नेपाल और श्रीलंका के बीच लोगों और रक्षा संबंधों को मजबूत करना

यह पहल बौद्ध धर्म की एकीकृत शक्ति का साक्षी है, जो तीनों देशों के बीच सद्भावना और सहयोग को बढ़ावा देता है और साथ ही उनकी साझा आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत का जश्न मनाता है ।

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