नई दिल्ली। मंगलवार को संसद की कार्यवाही के दौरान लोकसभा में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बार-बार टोके जाने से नाराज़ विपक्षी सांसदों ने विरोध जताते हुए लोकसभा स्पीकर की ओर कागज उछाल दिए। स्थिति बिगड़ने पर स्पीकर ने कड़ा रुख अपनाते हुए आठ सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
निलंबित किए गए सांसदों में कांग्रेस के मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर राजा वड़िंग, हिबी ईडन, किरन रेड्डी, प्रशांत पोडोले, एस. वेंकटेशन और डीन कोरियाकोस शामिल हैं।
संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन, विपक्ष ने कार्रवाई को बताया अलोकतांत्रिक
निलंबन के बाद सभी सांसद संसद परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। निलंबित सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह गलत है और विपक्ष जनता की आवाज उठाने के लिए संघर्ष जारी रखेगा। वहीं अमरिंदर राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि दो दिनों से राहुल गांधी को सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा,
“यह कैसा लोकतंत्र है? इसी के विरोध में हमने कागज फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया।”
वड़िंग ने यह भी कहा कि राहुल गांधी आज अपने लेटर पैड पर हस्ताक्षर कर बोलने के लिए तैयार थे, फिर भी सरकार को आपत्ति थी। इससे पहले बीजेपी ने लोकसभा स्पीकर से शिकायत करते हुए हंगामा करने और चेयर पर कागज फेंकने वाले सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी पूर्व थल सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देकर अपनी बात रखना चाहते थे। लेकिन स्पीकर द्वारा बार-बार टोके जाने पर वह अड़े रहे और वही बातें दोहराते रहे। हालात बेकाबू होने पर अंततः सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।











