रामगंजमण्डी से भोपाल नई लाईन परियोजना के अर्न्तगत नयागाँवपुराकुमारा-खिलचीपुर सेक्शन का कमीशनिंग के लिये निरिक्षण पश्चिम वृत्त के रेल संरक्षा आयुक्त मनोज अरोरा द्वारा निरीक्षण गुरूवार 20 फरवरी को किया गया।
उल्लेखनीय है कि 276 किलोमीटर रामगंजमण्डी से भोपाल नई लाईन परियोजना की कुल लागत 3035 करोड़ रुपये है। जिसमे रामगंजमंडी से व्यावरा स्टेशन 165 किलोमीटर का परिक्षेत्र कोटा मंडल के दायरे में आता है। रामगंजमंडी से नयागाँवपुराकुमारा स्टेशन 101 किलोमीटर राजस्थान राज्य के अधीन एवं शेष स्टेशन मध्यप्रदेश राज्य में आते हैं। वर्त्तमान में घाटोली तक रेल सेवा का संचालन किया जा रहा है।
अब तक रामगंजमंडी से खिलचीपुर कोटा मंडल के 165 किलोमीटर में से 126 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। शेष कोटा मंडल का 39 किलोमीटर का कार्य अगले वित्तीय वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।
नयागाँवपुराकुमारा-खिलचीपुर सेक्शन की कुल दूरी 22.32 किमी है। सीआरएस मनोज अरोरा ने इस नवनिर्मित रेललाइन पर ट्रायल से पूर्व मोटर ट्राली एवं खिलचीपुर स्टेशन यार्ड का विधिवत निरीक्षण किया। तत्पश्चात सीआरएस ने नयागाँवपुराकुमारा-खिलचीपुर सेक्शन में अधिकतम 130 किमी/घंटा की गति से सफल स्पीड ट्रायल किया।
इस निरिक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक कोटा अनिल कालरा, चीफ प्रसाशनिक अधिकारी (निर्माण) एम हाश्मी, मुख्य परियोजना प्रबंधक विजय पाण्डेय, प्रमुख मुख्य सिंग्नल एवं दूर संचार इंजीनियर रामनेन्द्र निगम सहित सम्बंधित विभाग के शाखा अधिकारी मौजूद रहे।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
•इस परियोजना में राजस्थान और मध्य प्रदेश राज्य शामिल है एवं 5 जिल्रे कोटा, झालावाड़, राजगढ़, सीहोर और भोपाल शमिल है।
•झालावाड़ (राजस्थान) में कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयले की आवागमन के लिए रूठियाई-ब्यावरा-झालावाड़ शहर (215 किमी) के माध्यम से मार्ग की तुलना में 42 किमी कम है।
•रूठियाई-कोटा-रामगंजमंडी-झालावाड़ (257 किमी)। जयपुर से दक्षिण की ओर जाने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का रूट लगभग 115 किमी कम हो जाएगा। परिणामी समय में 3 घंटे की बचत होगी।
•घटोली स्टेशन के निकट शिव भगवान का विख्यात केलकेरा मंदिर से स्थानीय आवागमन सुगम हो जायेगा।










