Monday, June 15, 2026
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अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर सीएम जनसुनवाई केंद्र के सामने युवक ने ली भू-समाधि

भरतपुर (हि.स.)। राजस्थान के भरतपुर में सीएम जनसुनवाई केंद्र के सामने अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर एक युवक ने भू-समाधि ली है। युवक के पिता सीआरपीएफ में तैनात थे। उनका 1999 में फील्ड ऑपरेशन के दौरान दिमागी बुखार से निधन हो गया था। इसी को लेकर युवक ने अनुकंपा नियुक्ति की मांग की, लेकिन सेना की भर्ती में उसे मेडिकल अनफिट पाया गया। इसके बाद सेना ने राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर उसे एलडीसी की नौकरी देने की सिफारिश की। हालांकि लगातार तीन साल से कैबिनेट और राज्य मंत्रियों से आश्वासन मिलने के बाद युवक ने बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे महाराजा सूरजमल की प्रतिमा के पास भू-समाधि ली है। युवक से समझाइश करने तहसीलदार राम कुमार सोगरवाल पहुंचे, लेकिन युवक नौकरी की बात पर अड़ा रहा। इस बीच तहसीलदार लौट गए।

प्रिंसनगर निवासी राधेश्याम उर्फ़ गौरव (23) ने बताया कि पिता सीआरपीएफ में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात थे। सात नवंबर 1999 में वह फील्ड ऑपरेशन के लिए नीमच रांची झारखंड जा रहे थे। इस दौरान उन्हें दिमागी बुखार आ गया और उनका निधन हो गया। राधेश्याम के पिता को शहीद का दर्जा नहीं मिला। जब राधेश्याम के पिता का निधन हुआ, तब वह तीन महीने का था। पिता के निधन के बाद मां ने ही उसे पाला। सीआरपीएफ में नौकरी के लिए राधेश्याम का 18 साल का होना ज़रुरी था। साल 2019 में वह 18 साल का हो गया। इसके बाद उसने सीआरपीएफ में नौकरी की तैयारी की। लेकिन उसे फिजिकल में अनफिट करार दे दिया गया। राधेश्याम को टीबी का मरीज बताया गया। जब उसने जयपुर सीआरपीएफ अस्पताल में चैकअप करवाया तो उसे कोई बीमारी नहीं निकली।

सीआरपीएफ की तरफ से 2020 में राज्य सरकार को लेटर लिखा गया। जिसमें राधेश्याम को एलडीसी में नौकरी देने की सिफारिश की गई। राधेश्याम एलडीसी में नौकरी के लिए तैयार हो गया। लेकिन हर बार अधिकारियों और नेताओं के चक्कर काटने के बाद भी उसे एलडीसी की नौकरी नहीं मिली।

राधेश्याम ने बताया कि वह तीन बार पानी की टंकी पर चढ़ चुका हैं। 18 जून 2023 को वह सरसों मंडी स्थित पानी की टंकी पर चढ़ा था। इसके बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने उसे नौकरी लगाने का आश्वासन देकर नीचे उतारा था। इसके बाद वह चार जुलाई को फिर से सरसों मंडी स्थित पानी की टंकी पर चढ़ा। तब उसे पुलिस के अधिकारियों ने नीचे उतारकर नौकरी का आश्वाशन दिया और कलेक्टर से मिलवाया। इससे पहले वह पांच जनवरी 2023 को पानी की टंकी पर चढ़ा। तब उसे अधिकारियों ने समझाइश कर नीचे उतार लिया। समाधि के दौरान युवक का कमर से नीचे का शरीर जमीन में गड़ा रहा।

राधेश्याम का कहना है कि उसने अपनी नौकरी के लिए कई विधायकों और मंत्रियों के चक्कर काटे। साल 2023 में भाजपा की सरकार बनने के बाद वह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम से मिला। जिन्होंने उसे जल्द ही नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। डीग कुम्हेर विधायक शैलेश सिंह से भी मिला। उन्होंने हर मुलाकात में नौकरी लगने का आश्वासन दिया। लेकिन अभी तक नौकरी नहीं मिल सकी। घर में खेती-बाड़ी से जीवनयापन किया जा रहा है।

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