तानाशाह बिजली अधिकारियों का लापरवाह रवैया और उपभोक्ता सेवा के प्रति उदासीनता के चलते कंपनी प्रबंधन की बड़ी किरकिरी हो रही थी। बिजली कंपनी के मुख्य राजस्व स्रोत माने जाने वाली हाई वैल्यू कंज्यूमर की समस्याओं के समाधान में बिजली अधिकारियों के अड़ियल रवैये के कारण काफी विलंब हो रहा था, जिसे देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने हाई वैल्यू कंज्यूमर के लिए Quick Desk Helpline सेवा प्रारंभ की है।
मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 10 किलोवाट या उससे अधिक स्वीकृत भार वाले उपभोक्ताओं की समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु 1912-Quick Desk Helpline की स्थापना की है। कंपनी ने कहा कि पिछले कुछ समय से उच्चदाब, औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति, बिलिंग और अन्य सेवाओं में विलंब की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। यह श्रेणी कंपनी की मुख्य राजस्व स्रोत मानी जाती है, अतः इन उपभोक्ताओं को प्रीमियम सेवाएँ और त्वरित समाधान उपलब्ध कराना अनिवार्य हो गया है।
कंपनी ने 1912 पर केंद्रीकृत उपभोक्ता सेवा केंद्र ‘निदान’ के अंतर्गत सभी उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित किया है। किन्तु उच्चदाब उपभोक्ताओं को शीघ्र समाधान हेतु विशेष क्विक डेस्क हेल्पलाइन स्थापित की गई है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से उपभोक्ता नई विद्युत कनेक्शन, बिलिंग, विद्युत आपूर्ति तथा अन्य सेवाओं से संबंधित शिकायतें पंजीकृत करवा सकते हैं।
मिलेंगी ये सुविधाएँ
- नवीन कनेक्शन: 10 किलोवाट या उससे अधिक भार के लिए स्मार्ट बिजली ऐप पर आवेदन कर हेल्पलाइन पर क्रमांक देकर शीघ्र विद्युत कनेक्शन की सुविधा।
- विद्युत आपूर्ति की समस्याएँ: जैसे 33/11 केवी फीडर बंद, डीटीआर खराबी, एलटी लाइन फॉल्ट इत्यादि में तुरंत शिकायत दर्ज कर त्वरित समाधान।
- बिलिंग संबंधी समस्याएँ: बिल प्राप्त न होना, मीटर रीडिंग, गलत बिलिंग आदि में शीघ्र समाधान।
- अन्य सेवाएँ: मीटर बदलना, नाम परिवर्तन, मोबाइल एवं ईमेल अपडेट, बिल भुगतान इत्यादि।
मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) विनियम 2009 के अनुसार इन सेवाओं को समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य है। मैदानी स्तर पर कार्यपालन अभियंता अथवा अधीक्षण अभियंता को शिकायतों के त्वरित निस्तारण का अधिकार सौंपा गया है। समस्त शिकायतों का समन्वय महाप्रबंधक (केन्द्रीय बिलिंग प्रकोष्ठ) करेंगे, जो मुख्य महाप्रबंधक (वाणिज्य) को रिपोर्ट करेंगे। विलंब की स्थिति में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।









