Friday, April 24, 2026
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डॉ. आशा सिंह सिकरवार किरन डिग्निटी ग्लोबल अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित

डॉ. आशा सिंह सिकरवार आज हिन्दी साहित्य जगत में एक जाना-माना नाम है। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से हिन्दी साहित्य में एक विशिष्ट पहचान बनाई है और अभी तक उनके अनेक कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। इन्हीं उपलब्धियों को देखते हुए गोपाल किरन समाज सेवी संस्था (GKSSS) द्वारा डाॅ. आशा सिंह सिकरवार को किरन डिग्निटी ग्लोबल अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया।

गोपाल किरन समाज सेवी संस्था ने सम्मानित करते हुए कहा कि डॉ. आशा सिंह सिकरवार ने साहित्य के साथ ही शिक्षा, समाजसेवा और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। आपके अंतर्मन का सेवा भाव और परोपकार की भावनाएं समाज को एक नई दिशा देती है आपकी दूरदर्शिता और समाज के कल्याण हेतु आपकी सकारात्मक विचारधारा ही हमारे लिए अमूल्य निधि है। राष्ट्र, परिवार और समाज के प्रति आपके समर्पण ने आपके मेहनती व्यक्तित्व को उजागर किया है। आप सदैव जरुरतमंद, असहाय एवं पीड़ित व्यक्तियों की सहायता करके अपने जीवन को मानवता के लिए समर्पण किया है। आपकी अनवरत साधना ,समर्पण एवं समाज में आपके उत्कृष्ट तथा अतुल्य योगदान के लिए संस्थाओं ने गौरवान्वित किया है ।

गोपाल किरन समाज सेवी संस्था द्वारा सिक्किम विश्वविद्यालय गंगटोक में भारतीय ज्ञान परंपरा, नवाचार और सामाजिक समर्पण पर केंद्रित भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ. आशा सिंह सिकरवार को सम्मानित किया गया।

गोपाल किरण समाजसेवी संस्था और साउथ एशियन एलायंस फॉर डेवलपमेंट इनिशिएटिव (SAADI) के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय भव्य राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन हुआ। सेमिनार के मुख्य अतिथि प्रो. लक्ष्मण शर्मा, रजिस्ट्रार, सिक्किम विश्वविद्यालय रहे। सेमिनार में पंकज वासीन, सत्य प्रकाश यादव (गोपालगंज), पुनम निषाद (गोपालगंज), मनोज कुमार मिश्रा (बक्सर), श्वेता शरण (सहरसा), सुधांशु कुमार चतुर्वेदी, डाॅ. मनीष कुमार शशि (बक्सर), डाॅ. संतोष कुमार (बेगूसराय) एवं संगीत शिक्षिका विलमिता, डाॅ. आशा सिंह सिकरवार ने नई शिक्षा नीति तथा महिलाओं की चुनौतियां पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया।

वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान प्रणाली, नवाचार और सामाजिक भूमिका पर अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। सभी वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति, शिक्षा और मूल्यों को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। सेमिनार में देशभर से आए 51 विशिष्ट प्रतिभागियों को उनके शैक्षणिक, सामाजिक एवं नवाचारी योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने आयोजन को एक नई ऊंचाई प्रदान की।

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