मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के जबलपुर रीजन के मुख्य अभियंता कांतीलाल वर्मा के द्वारा सागर रीजन में मुख्य अभियंता के पद पर रहते हुए अनेक घोटाले किये गए और विद्युत् वितरण कंपनी को करोड़ों की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। मुख्य अभियंता केएल वर्मा द्वारा सागर में मुख्य अभियंता के पद पर रहते हुए मेगा सिटी एवं आचरण ईको सिटी के विद्युतीकरण के लिए नियमविरुद्ध कार्यादेश जारी किये थे। इस संबंध में सागर निवासी अनुभव चतुर्वेदी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शिकायत की थी।
शिकायत में कहा गया था कि मुख्य अभियंता कांति लाल वर्मा के द्वारा सागर पदस्थापना के दौरान करोड़ों का अवैध लेन देन कर अपने पद का दुरुपयोग करते हुये नियमों के विपरीत कालोनियों के विद्युत विस्तार कार्य स्वीकृत किए गए, जिसकी जांच कराई जाए। मुख्यमंत्री को प्रेषित शिकायतकर्ता के पत्र पर संज्ञान लेते हुए पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी प्रबंधन ने मुख्य अभियंता कान्ति लाल वर्मा के द्वारा सागर पदस्थापना के दौरान किए गए नियमविरुद्ध कार्यों की जांच के लिए तीन अधिकारियों की एक जांच समिति गठित की थी।
वर्तमान में इस मामले में कंपनी के एचआर विभाग ने सागर रीजन के मुख्य अभियंता को पत्र जारी कर कहा है कि तत्कालीन मुख्य अभियंता कांतीलाल वर्मा के विरुद्ध की गई जाँच के बाद मेगा सिटी एवं आचरण ईको सिटी के विद्युतीकरण हेतु जारी कार्यादेशों का क्रियान्वयन करने वाले अधिकारियों में बीपी सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता एवं अवनीश जारौलिया सहायक अभियंता (संविदा) उपसंभाग-2 प्रमुख रहे है। साथ ही कार्यादेशों का क्रियान्वयन स्वीकृत प्राक्कलन अनुसार किया जाना लेख किया गया है। कोई स्पष्ट टीप नहीं दी है कि दोषी है अथवा नहीं या अनियमितता पायी गई है या नहीं। अतः प्रकरण में स्पष्ट रूप से अवगत कराने का कष्ट करें कि कोई अधिकारी दोषी है अथवा नहीं। यदि दोषी है तो उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव बनाकर इस कार्यालय को प्रेषित करें।
सूत्रों के अनुसार एचआर विभाग से ये पत्र जारी होने के बाद ऐसा माना जा कि सागर रीजन के वर्तमान मुख्य अभियंता द्वारा दोषी पूर्व मुख्य अभियंता और अन्य अधिकारियों को बचाने लिए अधूरी रिपोर्ट कंपनी मुख्यलय में प्रेषित की गई है, जिस पर प्रबंधन ने उनसे जवाब तलब किया है। उल्लेखनीय है कि जबलपुर रीजन के मुख्य अभियंता कांति लाल वर्मा के खिलाफ इस बार ईडी से शिकायत की गई है, जिसमें आरोप लगाए गए हैं कि सागर रीजन के तत्कालीन मुख्य अभियंता कांति लाल वर्मा ने ईको सिटी कॉलोनी एवं मेगा सिटी कॉलोनी के विद्युतीकरण स्वीकृति में करोड़ों का भष्टाचार किया। इसके अलावा भी अनेक मामलों में किये गए भ्रष्टाचार की शिकायत की गई है।










