श्रम विभाग के आदेश के बावजूद विद्युत वितरण कंपनियों सहित सभी बिजली कंपनियों को मैनपावर उपलब्ध कराने वाली निजी कंपनियां नियमों का पालन नहीं कर रही हैं और आउटसोर्स कर्मियों को तय तिथि पर वेतन नहीं दिया जा रहा है।
ताजा मामला पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के जबलपुर सिटी सर्किल और ग्रामीण सर्किल का है, जहां ऐनोविजन कंपनी ने जबलपुर डिवीजन, सिहोरा डिवीजन एवं एलटीएमटी डिवीजन में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को वेतन का भुगतान धनतेरस के दिन शाम को किया।
बताया जा रहा है कि आउटसोर्स कर्मियों के आक्रोश और तकनीकी कर्मचारी संघ के दबाव के बाद ऐनोविजन ठेका कंपनी ने वेतन का भुगतान किया, अन्यथा उसकी मंशा ऐसी नजर नहीं आ रही थी।
मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने मांग की है कि जब सरकार के आदेश हैं कि 10 तारीख तक आउटसोर्स कर्मियों को वेतन का भुगतान कर दिया जाये, फिर भी वेतन भुगतान में देर करने वाली ऐनोविजन कंपनी को ब्लैक लिस्टेड किया जाए।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश सरकार के श्रम विभाग ने शासकीय कार्यालयों, निगमों मंडलों और प्राधिकरणों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को समय पर वेतन देने के आदेश जारी किये हैं। जिसमें कहा गया है कि अगर 1000 से कम आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं तो उन्हें भुगतान 7 तारीख तक किया जाना अनिवार्य है। इसी तरह 1000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी होने पर उन्हें माह की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान किया जाना अनिवार्य है।
यदि किसी भी आउटसोर्स कर्मचारी को निर्धारित समय सीमा में वेतन भुगतान न होने की स्थिति में शासन द्वारा संचालित WHATSAPP नंबर 07552555582 पर कर्मचारी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।










