नई दिल्ली: ऑयल इंडिया के शेयर बुधवार को बीएसई पर 9.6% तक उछलकर 492 रुपये पर पहुंच गया जो इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर है। पिछले दो दिन में इसमें 13 फीसदी तेजी आई है।
पिछले सत्र में यह 448.60 रुपये पर बंद हुआ था और आज 454.50 रुपये पर खुला। इसकी वजह वैश्विक कच्चे तेल की कीमत ों में आई तेज उछाल है। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमत चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
अमेरिका-ईरान और रूस-यूक्रेन संघर्षों को लेकर चिंताएं, साथ ही अमेरिका में आए बर्फीले तूफान के कारण कच्चे तेल के उत्पादन और निर्यात में आई रुकावटों ने बाजार की धारणा को मजबूत किया और तेल की कीमतों को सहारा दिया। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 34 सेंट बढ़कर 67.91 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले की अटकलों से जुड़े तनाव ने भी तेल की कीमतों को प्रभावित किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि एक और अमेरिकी जहाजी बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है। ट्रंप ने कहा, “एक और खूबसूरत जहाजी बेड़ा अभी ईरान की ओर खूबसूरती से बढ़ रहा है।
मुझे उम्मीद है कि वे एक सौदा करेंगे।” तेल की कीमतें दिसंबर में रूस और यूक्रेन तथा मिडिल ईस्ट के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों के कारण कई साल के निचले स्तर पर आ गई थी।
ऑयल इंडिया जैसी अपस्ट्रीम ऑयल कंपनियों के लिए तेल की कीमतों में वृद्धि फायदेमंद है। कीमतों में हरेक डॉलर की बढ़ोतरी इसके सालाना रेवेन्यू को काफी लाभ पहुंचा सकती है।
OPEC प्लस की एक बैठक 1 फरवरी को होने वाली है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि 2-3 सप्ताह के समय-सीमा के साथ इसे खरीदें। पिछले कुछ सत्रों का डाउन ट्रेंड तेजी से ऊपर की ओर मुड़ता दिख रहा है।











