Sunday, July 26, 2026
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ओलावृष्टि से फसल हुई बर्बाद, किसान ने की आत्महत्या, समधी को कॉल करके कहा, अब बहन की शादी कैसे करुंगा..!

उज्जैन। एमपी के उज्जैन में आंधी, पानी व ओले से फसल बर्बाद होने के कारण आज सुबह किसान पंकज मालवीय ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

फांसी लगाने से पहले किसान पंकज ने खराब फसल के वीडियो के साथ तड़प-तड़प के इस दिल से आह निकलती रही, मुझको सजा दी प्यार की, ऐसा क्या गुनाह किया…गाने का वॉट्सएप स्टेटस लगाया था।

पुलिस के अनुसार ग्राम खेड़ा जामुनिया तहसील तराना में रहने वाले किसान का नाम पंकज मालवीय ने करीब 6 बीघा जमीन पर गेहूं की फसल लगाई थी, जो अचानक हुई ओलावृष्टि से नष्ट हो गई।

फसल खराब होने से पंकज दुखी हो गया, रात में खेत में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आज सुबह जब परिवार के लोग खेत पहुंचे तो उसका शव मिला।

पंकज को फांसी के फंदे पर लटकते देख परिजन फूट-फूट कर रोए। खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जिन्होने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया है।

पुलिस को पूछताछ में पता चला कि परिवार में मां, पत्नी, दो छोटे बच्चे 8 वर्षीय बेटा और 5 वर्षीय बेटी है। उसकी दो बहनें हैं। इनमें से एक की अप्रैल में शादी होने वाली है। पिता की मौत हो चुकी है। वह घर में अकेला कमाने वाला था।

दो दिन पहले हुई थी बहन की सगाई-

पुलिस को पूछताछ में मृतक के समधी ईश्वर लाल परमार ने बताया कि दो दिन पहले पंकज की बहन की सगाई हुई थी और अप्रैल में शादी होने वाली थी। पंकज शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था।

ओलावृष्टि के बाद शाम करीब 7 बजे पंकज ने उन्हें फोन किया था। उसने फसल बर्बाद होने के कारण बहन की शादी को लेकर चिंता जताई। कहा कि अब शादी कैसे हो पाएगी, जबकि बयाना भी दे चुका है।

उन्होंने पंकज को समझाया कि सब मिलकर व्यवस्था कर लेंगे और चिंता न करे, लेकिन इसके बावजूद उसने यह बड़ा कदम उठा लिया।

इधर फसलों का सर्वे शुरू-

कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार रात हुई आंधी, तूफान और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर राजस्व विभाग ने सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सर्वे के लिए सभी तहसीलदार, आरआई और पटवारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांव-गांव जाकर किसानों की फसल का नुकसान दर्ज करें।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी किसान को हुए नुकसान को अनदेखा नहीं किया जाएगा और ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का आकलन तुरंत किया जा रहा है

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