जबलपुर। एमपी के जबलपुर की सीजीएसटी की टीम ने टैक्स चोरी के खिलाफ एक बड़ी कार्यवाही की है। विभाग की टीमें ने आज सीधी, सतना व कटनी में एक साथ 9 संदिग्ध फर्मों पर धावा बोला।
इस कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र के व्यापारियों में खलबली मचा दी है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि यह पूरा खेल करोड़ों रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट को भुनाने के लिए रचा गया था।
सीजीएसटी को खबर मिल रही थी कि इन जिलों में कुछ फर्मे केवल कागजों पर चल रही हैं। जब टीमें जांच के लिए पहुंचीं, तो चौकाने वाले तथ्य सामने आए, 9 में से 8 फर्में अपने रजिस्टर्ड पते पर मिली ही नहीं।
कहीं कोई ऑफिस नहीं था और न ही व्यापार का कोई नामोनिशान। अधिकारियों के मुताबिकए इन शेल कंपनियों का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी खजाने में सेंध लगाने के लिए किया जा रहा था।
जांच में यह बात सामने आई है कि इन फर्मों ने कोयले की खरीद-बिक्री के झूठे बिल तैयार किए। इन फर्जी बिलों के आधार पर करोड़ों की बोगस आईटीसी जनरेट की गई और उसे दूसरी फर्मों को ट्रांसफर कर दिया गया।
टीम ने सीधी की श्री बालाजी एसोसिएट, महादेव ट्रेडर्स, मिश्रा ट्रेडिंग, गायत्री एंटरप्राइजेज और आदित्य फिलिंग स्टेशन, कटनी की जय श्री बालाजी कोल ट्रेडर्स और कुमार ट्रेडिंग कंपनी और सतना रिशाल एसोसिएट्स और भव्यंश सेल्स एंड लॉजिस्टिक्स में कार्रवाई की है।
विभाग अब इन फर्मों के बैंकिंग ट्रांजेक्शन, जीएसटी रिटर्न और ई-वे बिलों का बारीकी से मिलान कर रहा है। आयुक्त ने स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व की चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आने वाले दिनों में इस जांच की आंच कुछ और बड़े व्यापारिक घरानों तक पहुंच सकती है। विभाग का कहना है कि यह तो बस शुरुआत हैए आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे होने तय हैं।











