Gold – Silver : दिल्ली के सर्राफा बाजार में जून 2026 के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है। चांदनी चौक और सदर बाजार के ताजा भाव के अनुसार, 24 कैरेट सोना करीब ₹1,45,790 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,33,640 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि 18 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1,09,370 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।
वहीं चांदी भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर बनी हुई है, जहां इसका भाव ₹2,35,000 से ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम के बीच चल रहा है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का असर घरेलू सर्राफा बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है।
Gold – Silver : देश के प्रमुख महानगरों में सोने और चांदी की कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिली है।
ताजा सर्राफा बाजार दरों के अनुसार, दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना ₹1,45,630 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,33,490 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी का भाव ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम (करीब ₹2,499 प्रति 10 ग्राम) दर्ज किया गया।
वहीं चेन्नई में सोने और चांदी की कीमतें अन्य महानगरों की तुलना में थोड़ी अधिक बनी हुई हैं, जहां 24 कैरेट सोना ₹1,47,270 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना ₹1,34,990 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,59,900 प्रति किलोग्राम (करीब ₹2,599 प्रति 10 ग्राम) के स्तर पर पहुंच गई है।
Gold – Silver :मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में आज सोने के भाव स्थानीय मांग और सर्राफा बाजार की गतिविधियों के अनुसार अलग-अलग दर्ज किए गए हैं।–
12 जून 2026 को भोपाल और इंदौर में 22 कैरेट सोना करीब ₹1,33,550 प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोना ₹1,45,690 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
वहीं ग्वालियर में 22 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,36,500 और 24 कैरेट सोना ₹1,48,910 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है।
जबलपुर में 22 कैरेट सोना करीब ₹1,34,000 प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,40,700 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव और स्थानीय मांग का असर प्रदेश के सोने-चांदी के भावों पर साफ दिखाई दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कीमत
24 कैरेट सोना ₹3,470 की कमी के साथ घटकर ₹1,50,768 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि चांदी ₹15,748 टूटकर करीब ₹2.41 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव का असर घरेलू सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है, जिससे निवेशकों और खरीदारों की नजरें आगे की कीमतों पर टिकी हुई हैं।











