Sunday, September 6, 2026
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पूर्वी MP में बहुत भारी बारिश की चेतावनी,सतना-चित्रकूट में बाढ़ का खतरा

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। 1 सितंबर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सितंबर की शुरुआत प्रदेश के कई जिलों के लिए बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाली है।

पूर्वी MP में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 4 सितंबर तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। 5 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। यानी पूर्वी हिस्से के जिलों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

पश्चिमी MP में भी बढ़ेगा बारिश का दौर

वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी मौसम करवट लेने वाला है। IMD के अनुसार 1 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। इसके बाद 2 सितंबर को भारी बारिश और 3 से 5 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 6 और 7 सितंबर को भी पश्चिमी हिस्से में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे साफ है कि प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुई हैं।

सतना-चित्रकूट में बढ़ा बाढ़ का खतरा

लगातार बारिश के कारण सतना और आसपास के इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर बह रही है। इसके कारण निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है और कई दुकानों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। वहीं सिमरावल नदी के आसपास के गांवों में भी अलर्ट की स्थिति बताई गई है।

इन जिलों में भारी बारिश की संभावना

IMD के जिला-वार पूर्वानुमान में कई जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दिखाई गई है। सतना, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मंडला और बालाघाट समेत पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।

30 से 40 KM की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

बारिश के साथ-साथ प्रदेश के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है। किसानों को भी मौसम की स्थिति देखते हुए खेतों में काम करने के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।

3 से 5 सितंबर के बीच फिर बढ़ेगी बारिश

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखें तो 3 से 5 सितंबर के बीच बारिश का एक मजबूत दौर देखने को मिल सकता है। खासकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3, 4 और 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी इस दौरान बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है।

लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

फिलहाल मौसम को देखते हुए नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा। खासतौर पर जिन इलाकों में पहले से नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, वहां प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों का पालन करना चाहिए। वहीं बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें और सुरक्षित स्थान पर रहें।

कुल मिलाकर, सितंबर की शुरुआत मध्य प्रदेश के लिए बारिश के लिहाज से काफी सक्रिय रहने वाली है। पूर्वी MP में बहुत भारी बारिश का दौर पहले से ही शुरू हो गया है, जबकि पश्चिमी हिस्से में 2 सितंबर के बाद बारिश और तेज होने की संभावना है। ऐसे में अगले 4-5 दिन प्रदेश के लिए मौसम के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं।

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