ज्योतिषाचार्य पं अनिल कुमार पाण्डेय
प्रश्न कुंडली एवं वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ
सिंह राशि राशि चक्र की पांचवी राशि है। सिंह का अर्थ होता है शेर। अंग्रेजी में इसे लिओ (Leo) कहते हैं। इस राशि का प्रसार 120 अंश से 150 तक है। मघा नक्षत्र के चारों चरण, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के चारों चरण तथा उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र का प्रथम चरण मिलकर सिंह राशि का निर्माण करते हैं। इस राशि का स्वामी सूर्य है। इसका स्वभाव स्थिर स्वभाव है। सिंह राशि की प्रकृति क्रूर है। इस राशि का तत्व अग्नि है, गुण तमोगुणी है, जाति क्षत्रिय है। यह दिन में बलि होती है। यह पूर्व दिशा की स्वामी है। यह राशि पित्त प्रकृति की है। शरीर में उदर, पीठ और रीढ़ पर होने वाले सभी क्रियाओं का असर इसी राशि से देखा जाता है। यह एक शुष्क राशि है।
सिंह राशि के लोग उदार स्वभाव के एवं स्वतंत्रता प्रिय होते हैं। इस राशि के जातक क्षमाशील, कार्य में समर्थ, मद्य मांस को पसंद करने वाले, देश में भ्रमण करने वाले, शीत से भयभीत, अच्छे मित्रों वाले, विनयशील, शीघ्र कार्य करने वाले, माता-पिता को प्रिय, व्यसनी और संसार में प्रख्यात होते हैं। इस राशि वालों के लिए शनि बाधक ग्रह होता है। कुंभ राशि बाधक राशि होती है और मंगल इनके लिए शुभ ग्रह होते हैं। सिंह राशि के जातकों के लिए यह वर्ष मिलाजुला प्रभाव लेकर आएगा । जैसे वर्ष के प्रारंभ में गुप्त शत्रु बनेंगे परंतु मार्च के महीने से गुप्त शत्रु समाप्त हो जाएंगे।
धन-संपत्ति
स्पर्श आपके पास धन आने का योग कम है। जून तथा जुलाई के महीने में और सितंबर तथा अक्टूबर के महीने में धन आएगा। अप्रैल 2023 तक आप के खर्चे में बहुत वृद्धि होगी। हो सकता है कि घर में कोई वैवाहिक कार्यक्रम हो जाए या आप मकान-जमीन से आदि खरीदें। हम सभी जानते हैं वैवाहिक कार्यक्रम में या मकान बनाने में काफी खर्च होता है। उपाय- आपको चाहिए आप मंगल की शांति हेतु उपाय करवाएं
कैरियर
अप्रैल के बाद आपके ट्रांसफर का योग बन सकता है या संभव है कि आपका प्रमोशन भी हो। अप्रैल मई और जून के महीने में कार्यालय में आपकी तूती बोलेगी। उपाय- आपको चाहिए कि आप मई और जून के महीने में शुक्रवार का व्रत करें और मंदिर में जा कर पूजा अर्चना करें तथा सफेद वस्त्र का दान दें।
भाग्य
वर्ष के प्रारंभिक दिनों में आपका भाग्य सामान्य रहेगा। परंतु सितंबर के महीने से भाग्य से मदद मिलने कमी आ सकती है। नवंबर और दिसंबर के महीने में आपके भाग्य में सुधार होगा। भाग्य की इस कमी की पूर्ति आप अपने परिश्रम से कर सकते हैं। उपाय- आपको वर्ष में दो बार राहु और केतु के शांति का उपाय करवाना चाहिए।
परिवार
पारिवारिक दृष्टिकोण से यह वर्ष आपके लिए अच्छा है। आपको समय-समय पर पिताजी का स्नेह मिलेगा और माता जी का आशीर्वाद प्राप्त होगा। भाई बहनों के साथ कोई विशेष अच्छे संबंध नहीं रहेंगे। अप्रैल से सितंबर तक आपको संतान की मदद मिलेगी। 16 सितंबर से लेकर 23 दिसंबर तक संतान से आपकी आपको मदद मिलना कम हो जाएगा। उपाय- कुंडली का शोधन करवा कर आपको पुखराज धारण करना चाहिए।
स्वास्थ्य
वर्ष 2023 में आपका स्वास्थ्य पहले से अच्छा रहेगा आपके जीवनसाथी को कष्ट हो सकता है। आपको और आपके जीवन साथी को कमर और गर्दन में इस वर्ष दर्द की संभावना है। अगर आपके जीवनसाथी स्प्लेंडलाइटिस बीमारी से ग्रस्त हैं तो इस वर्ष आपको अपने जीवनसाथी के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। आपका स्वास्थ्य 20 अप्रैल 2023 से उत्तम हो जाएगा, जोकि 16 सितंबर 2023 तक उत्तम रहेगा। 16 सितंबर 2023 से स्वास्थ्य में थोड़ी गिरावट आएगी। उपाय- शनिवार के दिन शनि मंदिर में जाकर पूजन करें।
व्यापार
व्यापार में इस वर्ष उन्नति का योग है। व्यापार में आप के खर्चे बढ़ेंगे। अक्टूबर महीने के बाद भाग्य से मदद लेने का प्रयास ना करें। जून जुलाई और सितंबर अक्टूबर में आपके पास धन की आवक बढ़ेगी। व्यापार में उस समय तेजी से उन्नति होगी। जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीने में पार्टनर से आपका वाद-विवाद हो सकता है। सावधान रहें। उपाय- गणेश चतुर्थी का पूरे वर्ष भर पाठ करें।
विवाह
अविवाहित जातकों के लिए जनवरी और फरवरी के बीच में विवाह के अच्छे प्रस्ताव आएंगे। अक्टूबर से दिसंबर के बीच में भी अच्छे प्रस्ताव आने की उम्मीद है। अगर आपके दशा और अंतर्दशा ठीक है तो विवाह तय भी हो जाएगा। विश्वोन्तरी दशा अगर ठीक नहीं है अर्थात दशा और अंतर्दशा ठीक नहीं है तो किसी अच्छे विद्वान ब्राह्मण से बात कर आवश्यक उपाय करें। उपाय- घर की बनी पहली रोटी गौ माता को खिलाएं।
मकान
मकान वाहन और जमीन आदि खरीदने के लिए यह वर्ष आपके लिए अति उत्तम है। वाहन खरीदने की भी संभावना अधिक है। मकान और जमीन खरीदने की संभावना पूरे वर्ष भर है, परंतु इसके लिए आपकी इच्छा शक्ति भी आवश्यक है। उपाय- आपको मंगलवार का व्रत करना चाहिए और मंगलवार को ही हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान जी की पूजा करना चाहिए।
वार्षिक उपाय
संपूर्ण कष्टों के निवारण के लिए आपको चाहिए कि आप किसी विद्वान ब्राह्मण से हर एकादशी और पूर्णमासी को गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करवाएं।
संपर्क-
साकेत धाम कॉलोनी, मकरोनिया
सागर, मध्य प्रदेश- 470004
व्हाट्सएप- 8959594400















