चित्रा पंवार
गोटका, मेरठ, उत्तर प्रदेश
संपर्क– chitra.panwar20892@gmail.com
जिस तरह
निष्प्रयोज्य हो जाने से
लुप्त हो गए
मानव की पूंछ
निमेशिका पटल
जैसे ही कई दूसरे अंग
ठीक वैसे ही
एक दिन
खत्म हो जाना चाहिए
किलो, डेढ़ किलो का मस्तिष्क
माथे में टकी बटन सी दो आँखें
वैसे भी
गुलामगिरि की आदत जानती ही कहां है
इनका उपयोग
वह तो सिर्फ उतना ही देखना, समझना जानती है
जितना दिखाना और समझाना
चाहता हो हुक्मरान















