भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती लोकप्रियता का फायदा टाटा मोटर्स को भी मिल रहा है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पिछले छह महीनों में टाटा की इलेक्ट्रिक कारों की बुकिंग करीब तीन गुना बढ़ी है। इसके साथ ही कंपनी पिछले कुछ महीनों से लगातार अपना ईवी मार्केट शेयर बढ़ा रही है। हालांकि, बढ़ती मांग के बीच सीमित प्रोडक्शन क्षमता कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
6 महीने में बुकिंग में 300% का उछाल
टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के चीफ कमर्शियल ऑफिसर विवेक श्रीवत्स के अनुसार, पिछले छह महीनों में कंपनी की ईवी बुकिंग में लगभग 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं पिछले दो से तीन महीनों के दौरान टाटा लगातार अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट शेयर में सुधार कर रही है। कंपनी का कहना है कि प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बावजूद नंबर-2 प्लेयर के मुकाबले उसका अंतर बढ़ा है।
ईवी सेगमेंट की ग्रोथ ऑटो इंडस्ट्री से तेज
आंकड़ों के मुताबिक, पहली तिमाही में पूरे ऑटो इंडस्ट्री की ग्रोथ करीब 46 प्रतिशत रही, जबकि इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट ने लगभग 77 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। जुलाई और अगस्त में भी ईवी की मांग मजबूत बनी रही। ऐसे में कंपनी को आगामी त्योहारी सीजन से काफी उम्मीदें हैं और रिकॉर्ड बिक्री की संभावना जताई जा रही है।
मांग बढ़ी, लेकिन प्रोडक्शन बना बड़ी चुनौती
टाटा की इलेक्ट्रिक कारों की बुकिंग तेजी से बढ़ी है, लेकिन कंपनी इस मांग को पूरी तरह डिलीवरी में तब्दील नहीं कर पा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता है। कंपनी के पास मांग के मुकाबले उत्पादन क्षमता सीमित है, जिसके चलते कुछ ग्राहकों को डिलीवरी के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
GST कटौती से कारें हुईं ज्यादा किफायती
ईवी की बढ़ती मांग के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। GST में बदलाव के बाद कारों की कीमतों में राहत मिलने से इलेक्ट्रिक कारें ज्यादा खरीदारों की पहुंच में आई हैं। इसके अलावा वेस्ट एशिया संकट के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी लोगों को वैकल्पिक ईंधन की ओर देखने के लिए प्रेरित किया है।
अब सिर्फ अर्ली अडॉप्टर्स तक सीमित नहीं EV
इलेक्ट्रिक कारों को लेकर ग्राहकों की सोच में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले ईवी को मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी में रुचि रखने वाले अर्ली अडॉप्टर्स खरीदते थे, लेकिन अब सामान्य ग्राहक भी इन्हें विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। टाटा की मजबूत ब्रांड इमेज, अलग-अलग बजट में इलेक्ट्रिक मॉडल और सर्विस नेटवर्क भी मांग बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
टाटा को त्योहारी सीजन से बड़ी उम्मीद
कंपनी को सितंबर से दिसंबर के क्वार्टर में मजबूत बिक्री की उम्मीद है। विवेक श्रीवत्स के अनुसार, अगर मौजूदा बिक्री का मोमेंटम जारी रहता है तो यह तिमाही पूरे ऑटो इंडस्ट्री के लिए अब तक की सबसे बड़ी तिमाहियों में शामिल हो सकती है। जुलाई और अगस्त में मजबूत मांग को देखते हुए त्योहारी सीजन को लेकर कंपनी काफी उत्साहित है।
मार्केट लीडरशिप मजबूत करने की तैयारी
टाटा के पास भारतीय ईवी बाजार में अलग-अलग जरूरतों और कीमतों को ध्यान में रखते हुए कई मॉडल मौजूद हैं। कंपनी का मानना है कि व्यापक प्रोडक्ट पोर्टफोलियो ग्राहकों को ज्यादा विकल्प देता है। इसके साथ ही आने वाले महीनों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, जिससे बढ़ती बुकिंग को समय पर डिलीवरी में बदला जा सके।
सबसे सस्ती EV पर भी नजर
टाटा की सबसे किफायती इलेक्ट्रिक कार टियागो ईवी है। BaaS यानी Battery-as-a-Service स्कीम के तहत इसकी शुरुआती कीमत 4.69 लाख रुपये एक्स-शोरूम बताई गई है। इस स्कीम में बैटरी की लागत अलग से ली जाती है, जो करीब 2.6 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से है। इससे ग्राहक कम शुरुआती कीमत पर इलेक्ट्रिक कार खरीद सकते हैं।










