नई दिल्ली : भारत 31 जनवरी को दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। सह-अध्यक्षता भारत और संयुक्त अरब अमीरात करेंगे। अरब लीग के अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्री और महासचिव इसमें भाग लेंगे।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि विदेश मंत्रियों की यह बैठक 10 साल के अंतराल के बाद हो रही है। पहली बैठक 2016 में बहरीन में हुई थी।
इसमें सहयोग के पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति की पहचान की गई थी। इस महीने होने वाली बैठक में सभी 22 अरब देशों के विदेश मंत्री, अन्य मंत्री, राज्य मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा अरब लीग के सदस्य शामिल होंगे।
भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक इस साझेदारी को आगे बढ़ाने वाला सर्वोच्च संस्थागत तंत्र है। इसे मार्च 2002 में औपचारिक रूप दिया गया था जब भारत और अरब संघ ने संवाद प्रक्रिया को संस्थागत रूप देने वाले एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।
दिसंबर 2008 में तत्कालीन अरब लीग के महासचिव अमरे मूसा की भारत यात्रा के दौरान अरब-भारत सहयोग मंच की स्थापना के लिए सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसे बाद में 2013 में संरचनात्मक संगठन के संदर्भ में संशोधित किया गया था। भारत अरब राज्यों के लीग का पर्यवेक्षक है।











