Wednesday, July 29, 2026
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया ‘भूतिया रेलवे स्टेशन’ लोकार्पण, जाने यहाँ

भोपाल का नव विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह यात्रियों की सेवा के लिए तैयार है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्टेशन का औपचारिक लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. आंबेडकर नगर–श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव की शुरुआत को क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात बताया।

लंबे समय तक वीरान रहने के कारण चर्चा में रहा यह स्टेशन अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर भोपाल के रेलवे नेटवर्क का अहम हिस्सा बन गया है। इसके शुरू होने से शहर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

रेलवे को बताया देश की जीवन रेखा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय रेलवे की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे देश की जीवन रेखा है और इसका नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में शामिल है। हर दिन करोड़ों यात्री रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं। कई देशों की कुल आबादी के बराबर लोग प्रतिदिन भारतीय रेलवे से सफर करते हैं।

उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ रेलवे का विस्तार और आधुनिकीकरण बेहद जरूरी है। बेहतर स्टेशन, आधुनिक सुविधाएं और नई रेल सेवाएं देश के विकास को नई गति देती हैं। इसलिए सरकार लगातार रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर काम कर रही है।

सिंहस्थ 2028 को देखते हुए बढ़ रहा रेलवे नेटवर्क

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश में रेलवे सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में लाखों श्रद्धालुओं के प्रदेश पहुंचने की संभावना है। ऐसे में रेलवे स्टेशनों का विकास, ट्रेनों की संख्या बढ़ाना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

भोपाल के यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा

निशातपुरा रेलवे स्टेशन शुरू होने से भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अब यात्रा के लिए केवल मुख्य रेलवे स्टेशन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

अब स्थानीय यात्रियों को अपने क्षेत्र के नजदीक ही ट्रेन पकड़ने की सुविधा मिलेगी। इससे मुख्य स्टेशन पर यात्रियों का दबाव भी कम होने की उम्मीद है। साथ ही शहर के कई इलाकों से यात्रा करना पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे लगातार नई योजनाओं पर काम कर रहा है ताकि यात्रियों को बेहतर सेवाएं और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।

क्यों पड़ा था ‘भूतिया स्टेशन’ नाम?

निशातपुरा रेलवे स्टेशन का नाम पिछले कुछ वर्षों में अलग वजह से चर्चा में रहा। करीब तीन साल पहले स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो गया था। प्लेटफॉर्म, ट्रैक, लाइटिंग, शेड और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी तैयार थीं।

हालांकि, नियमित ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं होने के कारण स्टेशन लंबे समय तक खाली पड़ा रहा। यहां न तो यात्रियों की भीड़ दिखाई देती थी और न ही ट्रेनों का नियमित ठहराव होता था।

शाम होते ही पूरा परिसर सुनसान हो जाता था। खाली प्लेटफॉर्म और वीरान माहौल को देखकर स्थानीय लोगों ने इसे ‘भूतिया स्टेशन’ कहना शुरू कर दिया। यह नाम धीरे-धीरे सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं का हिस्सा बन गया।

अब बदलेगी स्टेशन की पहचान

औपचारिक लोकार्पण के बाद अब निशातपुरा रेलवे स्टेशन की पहचान बदलने की उम्मीद है। नियमित ट्रेनों के ठहराव और यात्रियों की आवाजाही शुरू होने से यह स्टेशन अब सक्रिय रेलवे केंद्र के रूप में विकसित होगा।

इसके अलावा आधुनिक सुविधाओं के कारण यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा। स्थानीय व्यापार और आसपास के क्षेत्रों के विकास को भी इससे नई गति मिलने की संभावना है।

भोपाल के रेलवे नेटवर्क को मिलेगी मजबूती

निशातपुरा रेलवे स्टेशन के संचालन से राजधानी भोपाल के रेलवे नेटवर्क को भी मजबूती मिलेगी। इससे मुख्य स्टेशन पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी और यात्रियों के लिए वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध होगी।

आने वाले समय में यदि यहां और अधिक ट्रेनों का ठहराव बढ़ाया जाता है, तो यह स्टेशन शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में अपनी अलग पहचान बना सकता है। लंबे समय तक ‘भूतिया स्टेशन’ कहलाने वाला निशातपुरा अब आधुनिक सुविधाओं और नियमित रेल सेवाओं के साथ यात्रियों के लिए नई शुरुआत का प्रतीक बन गया है।

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