मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के डिंडोरी अधीक्षण अभियंता कार्यालय के अंतर्गत शाहपुरा, बिछिया सहित अनेक डिवीजनों में 64 आउटसोर्स कर्मी कार्य करते हैं। इन आउटसोर्स कर्मियों को मई एवं जून महीने का वेतन और एरियर का भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया है।
हरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि डिंडोरी में कार्यरत निजी ठेका कंपनी के संचालक मैदानी बिजली अधिकारियों से मिलीभगत कर आउटसोर्स कर्मियों के पीएफ की कटौती भी नहीं करते, इतना ही नहीं तानाशाह बिजली अधिकारी भी आउटसोर्स कर्मियों के सरकार द्वारा घोषित जोखिम भत्ते का भुगतान नहीं करते। बिजली अधिकारी और ठेकेदार मिलकर आउटसोर्स कर्मियों का निष्ठुरता से शोषण कर रहे हैं।
हरेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि डिंडोरी में मुंबई की कंपनी ऑल सर्विस ग्लोबल का ठेका है, इस कंपनी का ठेका तत्काल निरस्त किया जाए और 64 आउटसोर्स कर्मियों को दो माह का वेतन, एरियर तथा जोखिम भत्ते का भुगतान यथाशीघ्र किया जाए।
हरेन्द्र श्रीवास्तव ने बिजली अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जिस तरह से विपरीत परिस्थितियों में भी आउटसोर्स कर्मियों से लगातार कार्य कराया जाता है, उसी तरह ये बिजली अधिकारियों की भी जिम्मेदारी है कि वे आउटसोर्स कर्मियों को समय पर वेतन दिलवाएं और जोखिम भत्ता दें। लेकिन आउटसोर्स कर्मियों के साथ अन्याय हो रहा है और बिजली अधिकारी मौन रहकर ठेका कंपनी का समर्थन कर रहे हैं।
संघ के मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, लखन सिंह राजपूत, दशरथ शर्मा, इंद्रपाल सिंह, संदीप दीपांकर, किशोर बांदेकर, शशि उपाध्याय, विनोद दास, राकेश नामदेव, अमित मेहरा आदि ने पूर्व क्षेत्र कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि आउटसोर्स कर्मियों को दो माह का बकाया वेतन और जोखिम भत्ता दिलाया जाए।










