जबलपुर. एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के सुरक्षा विभाग और सिविल संभाग शक्तिभवन के द्वारा आज विद्युत कंपनियों के मुख्यालय शक्तिभवन के विभिन्न ब्लॉक में अग्निशमन यंत्रों का प्रशिक्षण देते हुए मॉकड्रिल की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम व मॉकड्रिल में विद्युत कंपनियों में कार्यरत अभियंता, महिला-पुरूष कार्मिक व सुरक्षा सैनिक शामिल हुए।
मॉकड्रिल में कॉर्बन डॉइऑक्साइडयुक्त (सीओ2) अग्निशमन यंत्र का जीवंत उपयोग करते हुए उसे संचालित करने का तरीका बताया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम व मॉकड्रिल के दौरान पावर मैनेजमेंट कंपनी के अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन व प्रशासन अनुराग नायक ने उपस्थित हो कर अग्निशमन यंत्रों द्वारा आग पर नियंत्रण करने की मॉकड्रिल को देख कर सिविल व सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
समय समय पर दिया जाता है कार्मिकों को प्रशिक्षण- अधीक्षण अभियंता सिविल मुख्यालय धर्मेन्द्र वर्मा ने जानकारी दी कि शक्तिभवन के प्रत्येक कार्यालय में सीओ2 युक्त अग्निशमन यंत्र उपुयक्त स्थान में लगाए गए हैं। इन यंत्रों की प्रतिवर्ष जांच कर के भरा जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि समय समय पर शक्तिभवन में कार्यरत कार्मिकों को इन अग्निशमन यंत्र का उपयोग करने का तरीके का प्रशिक्षण दिया जाता है जिससे कि वे आपात्कालीन परिस्थिति में स्वत: इसका उपयोग कर पाएं।
क्यों किया जाता है कार्बन डॉइऑक्साइड का उपयोग
अधीक्षण अभियंता सिविल मुख्यालय धर्मेन्द्र वर्मा ने जानकारी दी कि वर्तमान में अग्निशमन यंत्र में कार्बन डॉइऑक्साइड का उपयोग आग बुझाने में किया जाता है। यह न तो जलती है और न ही जलने में मदद करती है। यह हवा से भारी भी होती है। यह ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद करके जलने वाले पदार्थ को रोकती है।
अग्निशमन यंत्र प्रशिक्षण व मॉकड्रिल के दौरान पावर मैनेजमेंट कंपनी के अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक अनुराग नायक व अधीक्षण अभियंता सिविल धर्मेन्द्र वर्मा की उपस्थिति में सुरक्षा विभाग के सुरक्षा उप निरीक्षक नंदकिशोर बरकड़े, सुरक्षा उप निरीक्षक राम शंकर शुक्ला व सुरक्षा उप निरीक्षक जुक्त बहादुर एवं सुरक्षा सैनिकों व सिविल संभाग के कार्मिकों ने सहयोग दिया।











