Friday, April 24, 2026
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जबलपुर स्वास्थ्य घोटाला: CMHO संजय मिश्रा सस्पेंड, भोपाल ट्रांसफर

जबलपुर। जिले के स्वास्थ्य विभाग में मचे प्रशासनिक हड़कंप के बीच मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) संजय मिश्रा को भोपाल से निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में सामने आया कि बिना किसी सामग्री की आपूर्ति के ही सरकारी खजाने से लाखों रुपये निकाल लिए गए।

जांच दल ने पाया कि कुल 12 फर्जी बिलों के सहारे भोपाल की एक निजी फर्म को 93 लाख 04 हजार 998 रुपये का भुगतान किया गया। यह पूरी राशि स्वास्थ्य केंद्रों में साइनेज और अन्य जरूरी सामान लगाने के नाम पर कागजों में दिखाई गई थी, जबकि धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।

इस भ्रष्टाचार की पुष्टि होने के बाद कलेक्टर ने स्टोर कीपर नीरज कौरव को सस्पेंड कर उनका मुख्यालय कुंडम तय कर दिया है।

Action already taken against contract officers

फर्जी भुगतान के इस मामले में संविदा पर कार्यरत जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्य तिवारी और फार्मासिस्ट जवाहर लोधी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इन दोनों को तत्काल प्रभाव से सीएमएचओ कार्यालय से हटाकर सिहोरा स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया है।

प्रशासन ने इनकी संविदा सेवाएं समाप्त करने के लिए एनएचएम भोपाल को औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है। विभागीय कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए जिला अस्पताल की डॉ. सारिका को अस्थाई रूप से जिला कार्यक्रम प्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

पूरी जांच रिपोर्ट अब राज्य शासन के पास है, जिसमें दोषियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही की अनुशंसा की गई है।

Records missing from hospital

इस पूरे प्रकरण में एक नया मोड़ तब आया जब जिला अस्पताल विक्टोरिया से महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड गायब होने की बात सामने आई। एक तरफ जहां फर्जी देयकों के जरिए वित्तीय अनियमितताएं की गईं, वहीं दूसरी तरफ साक्ष्यों के रूप में मौजूद दस्तावेजों का गायब होना बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है।

विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या फाइलों को जानबूझकर खुर्द-बुर्द किया गया है ताकि घोटाले की कडिय़ों को जोड़ा न जा सके। सीएमएचओ संजय मिश्रा के निलंबन के पीछे वित्तीय गबन के साथ-साथ इस रिकॉर्ड की सुरक्षा में हुई चूक को भी मुख्य कारण माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच के लिए अब उच्च स्तरीय टीम भोपाल से साक्ष्यों का मिलान करेगी।

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