Wednesday, July 22, 2026
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जबलपुर : लापता किशोरी को रेलव कर्मियों, RPF-GRP की सतर्कता से आगरा में सुरक्षित खोजा, परिजनों को सौंपा

जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल में रेलवे प्रशासन, जीआरपी एवं आरपीएफ की सतर्कता और त्वरित समन्वय का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जिसमें जबलपुर से लापता हुई एक किशोरी को कुछ ही घंटों में आगरा में सुरक्षित ढूंढ लिया गया और परिजनों को सौंप दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रतन नगर, जबलपुर निवासी नितिन उपाध्याय की 17 वर्षीय पुत्री गत 09 मार्च 2026 को रात्रि लगभग 07:30 बजे घर से नाराज होकर कहीं चली गई थी। परिजनों द्वारा आसपास एवं परिचित स्थानों पर काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका पता नहीं चला, तब वे देर रात जबलपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे और स्टेशन प्रबंधन से सहायता की गुहार लगाई।

स्टेशन प्रबंधक द्वारा तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारियों से संपर्क किया गया। इस दौरान आरपीएफ के चंदेल द्वारा स्टेशन परिसर के सीसीटीवी कैमरों की जांच कराने में परिजनों की मदद की गई। प्रारंभिक जांच में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के बावजूद रेलवे प्रशासन ने प्रयास जारी रखा।

परिजनों द्वारा यह जानकारी दी गई कि किशोरी अक्सर वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए जाने की बात करती थी। इस सूचना को आधार बनाकर स्टेशन प्रबंधन ने संभावित ट्रेनों की जानकारी जुटाई।

इसी क्रम में पता चला कि रात लगभग 20:30 बजे जबलपुर से एक ट्रेन आगरा की ओर रवाना हुई थी और उस समय तक वह ट्रेन आगरा पहुंचने वाली थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जीआरपी जबलपुर कंट्रोल रूम से संपर्क किया गया। जीआरपी में पदस्थ दर्शन सिंह कौरव, एएसआई संतोष गुजर एवं उमाकांत ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए आगरा एवं मथुरा जीआरपी कंट्रोल रूम से समन्वय स्थापित किया और संबंधित स्टेशनों को सतर्क किया।

रेलवे और जीआरपी के इस त्वरित समन्वय का सकारात्मक परिणाम कुछ ही समय में सामने आया। आगरा जीआरपी से सूचना प्राप्त हुई कि उक्त किशोरी सुरक्षित मिल गई है।

इसके बाद परिजनों की उससे वीडियो कॉल के माध्यम से बात कराई गई, जिससे उसकी पहचान की पुष्टि हो सकी। बेटी के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही परिवार ने राहत की सांस ली और तुरंत कार द्वारा आगरा के लिए रवाना हो गया।

परिजन देर रात लगभग 1 बजे आगरा पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर गहरी संतुष्टि और राहत महसूस की।

रेल प्रशासन की सराहना

किशोरी के पिता  नितिन उपाध्याय ने इस पूरी प्रक्रिया में रेलवे प्रशासन, जीआरपी एवं आरपीएफ द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय व्यवहार के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि सरकारी कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन रहते हैं, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि रेलवे एवं पुलिस के अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से कार्य करते हैं।

उन्होंने विशेष रूप से आगरा जीआरपी के श्री राज तोमर तथा एएसआई आशीष का धन्यवाद किया, जिन्होंने लगभग 12-13 घंटे तक थाने में रही किशोरी का पूरी संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखा और उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी।

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