जबलपुर/सागर। एमपी के जबलपुर से सागर के शाहगढ़ में ठगी कर रहे तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तीनों बदमाश फर्जी डीएसपी व पुलिस आरक्षक बनकर युवक को होमगार्ड में नौकरी दिलाने एक लाख की मांग कर रहे थे।
पुलिस का कहना है कि जबलपुर के तीनों शातिर ठगों ने अन्य जिलों में भी फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी की है, जिसके संबंध में तीनों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शाहगढ़ में रहने वाला युवक होमगार्ड में नौकरी पाने के चक्कर में एक डीएसपी के संपर्क में है। वह होमगार्ड में नौकरी लगवाने की बात कह रहे हैं।
उन्होने एक लाख रुपए की मांग, युवक ने संदेह होने पर पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों को बताया कि डीएसपी अपना नाम शिवम चतुर्वेदी बता रहा है जो जबलपुर में पदस्थ है।
अधिकारियों के कहने पर युवक ने फर्जी डीएसपी से बात की और 1 लाख रुपए देने को तैयार हो गया। इसके बाद आज फर्जी डीएसपी बगैर नंबर की बोलेरो में दो फर्जी पुलिस जवानों को लेकर शाहगढ़ पहुंच गया। शाहगढ़ में युवक ने उन्हें चायगढ़ कैपे में मिलने बुलाया।
फर्जी डीएसपी व दो पुलिस आरक्षक जब पीडि़त युवक के साथ बैठकर चाय पी रहे थे। तभी पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर तीनों को घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूछताछ करने पर उनके पास कोई दस्तावेज नहीं मिले। जांच में तीनों फर्जी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी होना पाए गए।
पूछताछ में फर्जी डीएसपी ने अपना नाम शिवम चतुर्वेदी, फर्जी पुलिस आरक्षकों ने अपने नाम राजकुमार ठाकुर और सतीश सिंह ठाकुर निवासी जबलपुर होना बताया।
ग्वालियर सहित अन्य जिलों में कर चुके है ठगी-
वे सुनियोजित तरीके से फर्जी पहचान बनाकर नौकरी के नाम पर ठगी करने की साजिश रच रहे थे। तीनों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है। मामले में तीनों से पूछताछ की जा रही है।
अब तक की जांच में सामने आया कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में इसी तरह का मामला ग्वालियर क्राइम ब्रांच में भी दर्ज हुआ था। इसके अलावा अन्य जिलों में भी फर्जी डीएसपी व पुलिस आरक्षक बनकर ठगी करने की जानकारी मिली है जिसकी जांच पुलिस की टीम कर रही है।











