विद्युत् वितरण कंपनियों में कार्यरत परीक्षण सहायक, नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों की दशहरा पर अति आवश्यक ड्यूटी लगाई गई है। मैदानी अधिकारीयों की अनदेखी के कारण लगातार ड्यूटी करने वाले लाइन कर्मियों को भूखा रहना पड़ता है और इस बार भी कहीं अधिकारी लाइन कर्मियों से भूखे पेट ही ड्यूटी न करवाएं।
मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार 2 अक्टूबर एवं 3 अक्टूबर को लगातार लाइन कर्मियों को ड्यूटी करनी पड़ेगी। कंपनी के अधिकारी दो दिन लगातार ड्यूटी करने वाले लाइन कर्मियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं करते, जिससे उन्हें भूखे पेट ड्यूटी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे, बिजली बंद होने की कोई भी समस्या ना आए, इस बात को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों के द्वारा दशहरा पर अति आवश्यक ड्यूटी लगाई जाती है, जो शाम 4 बजे से जब तक दशहरा चल समारोह का समापन नहीं होता, तब तक रहती है। इसके अलावा 33X11 केवी सब-स्टेशनों में परीक्षण सहायकों की ड्यूटी लगाई जाती है। जहाँ ट्रांसफार्मर के नीचे कर्मचारी लगातार 16 घंटे तक ड्यूटी करते हैं, इसलिए कर्मचारियों को खाना देने की व्यवस्था अधिकारियों को करना चाहिए ।
संघ के शंभू नाथ सिंह, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, रामबली यादव, असलम खान, प्रदीप द्विवेदी, विनोद दास, लखन सिंह राजपूत, इंद्रपाल सिंह, संदीप यादव, गणेश, मुकेश पटेल, अमित मेहरा, जगदीश मेहरा आदि ने तीनों विद्युत् वितरण कंपनियों के प्रबंधन से मांग की है कि दशहरा चल समारोह में नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों को खाना देने की व्यवस्था की जाये।










