मध्य प्रदेश विद्युत कंपनियों के मुख्यालय शक्तिभवन में 79 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह उल्लास व उत्साह के साथ मनाया गया। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक अविनाश लवानिया ने राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर परेड की सलामी ली। अविनाश लवानिया ने इस अवसर अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य शासन द्वारा ऊर्जा क्षेत्र की लोकहित योजनाओं से प्रदेश के 85 प्रतिशत से अधिक घरेलू बिजली उपभोक्ता और लगभग 26 लाख कृषि पम्प उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से छोटे-छोटे गांवों में और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हितग्राहियों को बिजली उपलब्ध हो गई है।
मुख्य अतिथि अविनाश लवानिया ने विद्युत कंपनियों के कार्मिकों से आह्वान कि वे सब मिलकर बिजली उपभोक्ताओं को सतत्, विश्वसनीय व किफायती बिजली उपलब्ध करवाएं। इस अवसर पर पूर्व क्षेत्र कंपनी के प्रबंध संचालक अनय द्विवेदी, पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी, पावर मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन व प्रशासन राजीव गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्मिक, सेवानिवृत्त कर्मी, महिलाएं व बच्चे उपस्थित थे।
मध्य प्रदेश की विद्युत उपलब्ध क्षमता 24588 मेगावाट हुई
मुख्य अतिथि अविनाश लवानिया ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की विद्युत उपलब्ध क्षमता 24588 मेगावाट है। प्रदेश भविष्य में भी विद्युत के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहे, इस हेतु इस वित्तीय वर्ष में विद्युत उपलब्ध क्षमता में 1684 मेगावाट की वृद्धि का कार्यक्रम है, जिसमें से 118 मेगावाट क्षमतावृद्धि हासिल की जा चुकी है। यदि इन आंकड़ों को विश्लेषित किया जाए तो हम गर्व से कह सकते हैं कि मध्य प्रदेश, देश के अंगुलियों में गिने जाने वाले उन राज्यों में से एक है, जहां सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत के मुताबिक भरपूर बिजली मिल रही है।
युवा इंजीनियर और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी के अवसर
पावर मैनेजमेंट कंपनी के एमडी अविनाश लवानिया ने कहा कि प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियां अपने-अपने स्तर पर विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को संतुष्ट करने का पूरा प्रयास कर रहीं हैं। प्रदेश में विद्युत कंपनियां नए रोजगार के द्वार खोल रही हैं। प्रदेश की तीनों डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों की संगठनात्मक संरचना को पुनरीक्षित करते हुए 49 हजार 263 नवीन पदों सहित कुल 77 हजार 298 पदों की स्वीकृति दी गई है। इन पदों में भर्ती से जहां प्रदेश के युवा इंजीनियर और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे वहीं प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था में बेहतर तस्वीर देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियों में कार्यरत अभियंता व कार्मिकों के लिए बहुप्रतीक्षित पावर कंपनी अंशदायी कैशलेश स्वास्थ्य योजना (MPPCHS) के क्रियान्वयन की पहल प्रारंभ कर दी है। पूर्ण संभावना है कि विद्युत कंपनियों के लगभग 1 लाख 82 हजार कार्मिकों को इस स्वास्थ्य योजना का लाभ इस वित्तीय वर्ष से मिलने लगेगा।
18913 मेगावाट अधिकतम मांग की सप्लाई हुई
पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक ने कहा कि पावर मैनेजमेंट कंपनी ने प्रदेश की विद्युत कंपनियों के सहयोग से कुशल प्रबंधन व आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए अतिशेष बिजली की दूसरे राज्यों को बैंकिंग एवं तत्पश्चात् शेष बची बिजली का विक्रय किया है। वर्ष 2024-25 में पावर एक्सचेंज के माध्यम से 1641 करोड़ रूपए की अतिशेष विद्युत का विक्रय किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जुलाई 2025 तक पावर एक्सचेंज के माध्यम से 786 करोड़ रूपए की अतिशेष बिजली का विक्रय किया गया। आगामी रबी सीजन में दौरान कृषि कार्य हेतु शीर्ष मांग की आपूर्ति के लिए इस वर्ष जुलाई माह तक लगभग 1848 मिलियन यूनिट बिजली की बैंकिंग अन्य प्रदेशों से की गई। मध्यप्रदेश को यह बिजली रबी सीजन के दौरान प्रीमियम के साथ मिलेगी, जिससे कृषि उपभोक्ताओं के साथ अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को भी पर्याप्त बिजली की सप्लाई सुनिश्चित हो सकेगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के इतिहास में 18913 मेगावाट अधिकतम मांग की सप्लाई की गई।
पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों का उत्कृष्ट व सफल प्रदर्शन
मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में इतिहास में सर्वाधिक विद्युत उत्पादन 28789.8 मिलियन यूनिट किया। ताप विद्युत गृहों ने न सिर्फ उत्पादन करने में श्रेष्ठता सिद्ध की बल्कि स्पेसफिक आइल कंजम्पशन (विशिष्ट तेल खपत), ऑक्जलरी कंजम्पशन और न्यूनतम हीट रेट में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वित्तीय वर्ष 2024-25 में एमपी जेनको के ताप विद्युत गृहों ने 10 बार 100 से अधिक दिनों तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान बनाया, जिसमें अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट 300 दिनों से अधिक और सारनी की यूनिट नंबर 10, बिरसिंगपुर की यूनिट नंबर 5 और श्री सिंगाजी ताप विद्युत की यूनिट नंबर तीन 200 दिनों तक अनवरत संचालित हुईं। एमपी जेनको की ताप विद्युत इकाईयों ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी अब तक बेहतर प्रदर्शन किया है। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट ने पिछले रिकार्ड तोड़ते हुए 312 दिनों से अधिक से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है वहीं सारनी की 250 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 11 ने 200 दिन से अधिक तक सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया।
ट्रांसमिशन लॉसेस को 2.60 प्रतिशत तक हुए सीमित -समारोह के मुख्य अतिथि ने कहा कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 उपलब्धियों से भरा रहा। एमपी ट्रांस्को ने ट्रांसमिशन लॉसेस को 2.60 प्रतिशत तक सीमित कर दिया, जो कि मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग के निर्धारित मापदंड 2.75 प्रतिशत से भी कम है। पारेषित ऊर्जा की मात्रा गत वर्ष की तुलना में 6 फीसदी अधिक होने पर भी ट्रांसमिशन लॉसेस कम किए गए। एमपी ट्रांस्को ने अपने इतिहास के सर्वोच्च 1 लाख 1 हजार 40 मिलियन यूनिट का पारेषण किया गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जून माह तक ट्रांसमिशन लॉसेस औसतन 2.50 प्रतिशत तक सीमित कर दी गई। एमपी ट्रांस्को ने मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग के 98 फीसदी के निर्धारित मापदंड की तुलना में 99.47 प्रतिशत पारेषण प्रणाली की उपलब्धता अर्जित की। पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 456 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन व सब स्टेशनों की क्षमता में 2249 एमवीए की वृद्धि की गई। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 132 केवी के एक सब स्टेशन के साथ 220 केवी व 132 केवी की कुल 884.91 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाइन बनाने और सब स्टेशनों की क्षमता में 3228 एमवीए वृद्धि करने की योजना है।
उपभोक्ताओं को सतत् व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति
पावर मैनेजमेंट कंपनी के एमडी अविनाश लवानिया ने कहा कि प्रदेश की तीनों डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां उपभोक्ताओं को सतत् व गुणवत्तापूर्ण बिजली सप्लाई करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। डिस्कॉम द्वारा ऐसी व्यवस्था की गई है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति करने में किसी भी प्रकार की रूकावट न आए। तीनों डिस्कॉम के माध्यम से प्रदेश में 1 करोड़ 34 लाख घरेलू स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। अब तक 21 लाख से भी अधिक घरेलू स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। वर्ष 2024-25 में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 5 लाख 32 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए गए। अब तक पश्चिमी मध्यप्रदेश में लगभग 13 लाख अत्याधुनिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए हैं। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने 11 हजार शासकीय कार्यालयों के लिए प्रीपेड बिजली वितरण व्यवस्था की शुरुआत विधिवत रूप से कर दी है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली चोरी पर नियंत्रण के लिए जन भागीदारी की दृष्टि से वी-मित्र एप को शुरु किया है। प्रारंभिक तौर पर इसके अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। भारत सरकार विद्युत मंत्रालय की नेशनल स्मार्ट ग्रिड मिशन की वेबसाइट के अनुसार आरडीएसएस योजना के बेहतर क्रियान्वयन में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी देश में छठे स्थान पर है। वहीं नोडल एजेंसी पीएफसी को आवंटित 17 राज्यों में ईस्ट डिस्कॉम का स्थान द्वितीय प्रदर्शित हो रहा है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जन भागीदारी के साथ कंपनी के कार्मिकों को बिजली चोरी पर नियंत्रण करने के लिए कंपनी के पोर्टल पर ऑनलाइन सूचना देने और पुरस्कार प्रदान करने की योजना प्रारंभ की है। उन्होंने कहा कि तीनों डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों ने दूसरे राज्यों की तुलना में ऊर्जा के प्रमुख सूचकांकों में- संग्रहण दक्षता में मध्य प्रदेश को देश में प्रथम स्थान दिलाया है। प्रदेश में 97.92 प्रतिशत संग्रहण क्षमता हासिल की गई है।
97 विद्युत कर्मी पुरस्कृत
समारोह के मुख्य अतिथि अविनाश लवानिया ने उत्कृष्ट कार्यनिष्पत्ति व बेहतर प्रदर्शन के लिए पावर मैनेजमेंट कंपनी और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 97 कार्मिकों को पुरस्कृत किया। वर्ष 2024-25 में न्यूनतम विद्युत दुर्घटना के लिए भोपाल सिटी सर्किल को चलित शील्ड प्रदान की गई। वर्ष भर में खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना दोंगलिया, केन्द्रीय कार्यालय जबलपुर व अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने पर चलित शील्ड प्रदान की गई। एमपी पावर के 32 खिलाड़ियों को अखिल भारतीय विद्युत क्रीड़ा नियंत्रण प्रतियोगिता में पदक जीतने पर पुरस्कृत किया गया। समारोह की परेड का नेतृत्व सुरक्षा निरीक्षक प्रवीन कपूर ने किया। सुरक्षा विभाग के बैंड दल ने रमेश चंद्रावत के नेतृत्व में राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत मधुर धुनों को प्रस्तुत किया। केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के बाल कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का संचालन जनसम्पर्क अधिकारी पंकज स्वामी ने और आभार प्रदर्शन मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन व प्रशासन राजीव गुप्ता ने किया।










