मध्य प्रदेश में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। दिन के समय कई इलाकों में गर्मी का असर बरकरार है, जबकि कुछ शहरों में सुबह और रात के तापमान में गिरावट के चलते हल्की ठंडक महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना नहीं है और अधिकांश इलाकों में आसमान साफ रहने की उम्मीद है।
राजधानी भोपाल में भी मौसम साफ रहने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इस दौरान हवा की औसत रफ्तार 6 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है।
वहीं, प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तालुन, बड़वानी और ग्वालियर में दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़, धार और खजुराहो में 36.4 डिग्री, पृथ्वीपुर-निवाड़ी और गुना में 36.2 डिग्री, जबकि बैरसिया-भोपाल में 36 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। उज्जैन और टीकमगढ़ में अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
दिन में गर्मी के बीच प्रदेश के कुछ इलाकों में सुबह और रात का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा। अमरकंटक में सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद छिंदवाड़ा में 16.4 डिग्री, गिरवर-शाजापुर में 17 डिग्री, करौंदी-कटनी में 17.1 डिग्री और इंदौर में 17.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। दूसरी ओर, रात में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, 4 अक्टूबर को भी प्रदेश में बारिश नहीं हुई। पिछले 24 घंटों के दौरान सभी संभागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा और किसी भी क्षेत्र में तेज हवा, आंधी, गरज-चमक या बारिश का प्रमुख घटनाक्रम दर्ज नहीं किया गया। भोपाल में इस दौरान अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बारिश शून्य दर्ज की गई।
फिलहाल मौसम विभाग ने तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं दिए हैं। ऐसे में 5 अक्टूबर को भी प्रदेश में शुष्क और गर्म मौसम बने रहने की संभावना है। इसी बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी है और अगले 2 से 3 दिनों में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना तथा उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना जताई गई है।








