Monday, June 15, 2026
Homeमध्य प्रदेशMP : छतरपुर में थाना के अंदर युवक की मौत, परिजनों का...

MP : छतरपुर में थाना के अंदर युवक की मौत, परिजनों का हंगामा, एसपी ने दो कॉन्स्टेबल को किया सस्पेंड

छतरपुर. एमपी के छतरपुर जिले के राजनगर थाने में 22 वर्षीय युवक का शव पुलिस हिरासत में शनिवार शाम करीब 5 बजे चाइल्ड डेस्क के वॉशरूम में फांसी के फंदे पर मिला।

प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है, जबकि परिजनों ने हिरासत में मारपीट से मौत का आरोप लगाया है। घटना के बाद थाने के बाहर तनाव की स्थिति बन गई थी। बीती देर रात 12 बजे तक धरना प्रदर्शन चलता रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था।

परिजन और ग्रामीण युवक को पकड़कर थाने लाने वाले दो कॉन्स्टेबल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे। देर रात छतरपुर एसपी अगम जैन ने जानकारी दी कि मामले की जांच मजिस्ट्रेट कर रहे हैं।

दो कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके बाद धरना प्रदर्शन खत्म हो गया।

मृतक के पिता किशोरी पटेल ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि शनिवार सुबह 10 बजे दो पुलिसकर्मी (संजय कुमावत और शिवकुमार पाल) बिना किसी कारण के उनके बेटे को घर से उठाकर ले गए थे।

पुलिसवाले बेटे को छोडऩे के बदले 50 हजार रुपए की मांग कर रहे थे। मैंने गांव वालों से पैसे उधार मांगकर व्यवस्था भी कर ली थी, लेकिन शाम को खबर मिली कि मेरे बेटे की मौत हो गई। उसकी मौत पिटाई से हुई है, उसने फांसी नहीं लगाई।

धारा 151 के मामले में पूछताछ के लिए लाया गया था

छतरपुर एसपी अगम जैन ने बताया कि राजेश पटेल को धारा 151 के एक मामले में पूछताछ के लिए लाया गया था। एसपी के मुताबिक, युवक पेशाब करने के बहाने वॉशरूम गया और वहां फांसी लगा ली।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने उन दो आरक्षकों को सस्पेंड कर दिया है, जिन पर परिजन आरोप लगा रहे थे। फिलहाल न्यायिक मजिस्ट्रेट की टीम मामले की जांच कर रही है।

महारानी कविता सिंह बोलीं- सीसीटीवी पब्लिक करे पुलिस

वहीं देर रात महारानी कविता सिंह राजनगर थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा- यदि थाने के अंदर किसी युवक ने आत्महत्या की है तो उस समय वहां मौजूद पुलिस स्टाफ क्या कर रहा था।

उन्होंने सवाल उठाया कि थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे क्या काम कर रहे थे।

उनके फुटेज सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे। उन्होंने मांग की कि पूरे केस की मजिस्ट्रियल जांच पारदर्शी तरीके से कराई जाए।

यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया।

Related Articles

Latest News