Tuesday, April 14, 2026
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सब-स्टेशनों में संचार और निगरानी के लिए MPPTCL ने अपनाई अत्याधुनिक फोटे तकनीक

जबलपुर सहित प्रदेश में मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने अपने ट्रांसमिशन सब-स्टेशनों में अत्याधुनिक फाइबर ऑप्टिक टर्मिनल इक्विपमेंट (फोटे) तकनीक को लागू कर एक नया तकनीकी कदम उठाया है। इस तकनीक के माध्यम से सब-स्टेशन स्तर पर संचार, सुरक्षा और परिसंपत्तियों की निगरानी को तेज, विश्वसनीय और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है।

इसके तहत जबलपुर में 220 केवी सब-स्टेशन नयागांव जबलपुर, 220 केवी सब-स्टेशन गोरा बाजार, पनागर, सूखा, व्हीकल फैक्ट्री 132 केवी सब-स्टेशन विनोबा भावे 132 केवी सब-स्टेशन बरगी पहले चरण में आए हैं।

क्या है फोटे तकनीक?

फोटे एक उन्नत ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क के प्रदर्शन मूल्यांकन, फॉल्ट डिटेक्शन और रीयल-टाइम निगरानी में सहायक होता है। इसकी मदद से ट्रांसफार्मरों और अन्य अहम उपकरणों के तापमान और स्थिति की निगरानी त्वरित और सटीक ढंग से की जा सकती है।

बेहतर संचार और स्थायित्व

कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “फोटे तकनीक के इस्तेमाल से न केवल डेटा संप्रेषण की गति और सटीकता में वृद्धि हुई है, बल्कि यह विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप (EMI) से मुक्त होने के कारण संचार नेटवर्क को अधिक स्थायित्व भी प्रदान करती है। यह तकनीक हमारे ट्रांसमिशन एलीमेंट्स के प्रोटेक्शन सिस्टम को भी अधिक मजबूत बनाती है।”

स्मार्ट ग्रिड की दिशा में अहम कदम

यह पहल केवल वर्तमान तकनीकी जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में स्मार्ट ग्रिड की ओर बढ़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। शुरुआत में फोटे तकनीक का प्रयोग चयनित एक्स्ट्रा हाई टेंशन (EHT) सबस्टेशनों में किया गया है। आगामी चरणों में इसे सभी प्रमुख ट्रांसमिशन केंद्रों तक विस्तार देने की योजना है।

फोटे भविष्य के लिए क्रांतिकारी कदम

एमडी सुनील तिवारी ने कहा कि फोटे तकनीक का चरणबद्ध क्रियान्वयन एमपी ट्रांसको को न केवल अधिक दक्ष, बल्कि तकनीकी रूप से भविष्य के लिए तैयार बनाता है। यह पहल निःसंदेह राष्ट्रीय ग्रिड के आधुनिकीकरण में भी सहयोगी सिद्ध होगी।

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