जबलपुर। एमपी के जबलपुर में ईरान-अमेरिका युद्ध का असर दिखाई देने लगा है। रसोई गैस की किल्लत से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं इंडक्शन की बिक्री भी बढ़ रही है। कलेक्टर ने जिले की जनता से अपील की है कि गैस को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है, पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है और पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है।
जबलपुर जिले में 35 से अधिक गैस एजेंसियां हैं और अधिकांश जगहों पर गैस की किल्लत देखी जा रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई जगह ऑनलाइन बुकिंग भी प्रभावित हो रही है। रांझी में रहने वाले संदीप कुमार ने मोबाइल से ऑनलाइन बुकिंग करने की कोशिश की। कॉल तो लगाए लेकिन गैस बुकिंग का नंबर नहीं लगा और न ही कोई मैसेज आया। जिले की कई गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भीड़ भी देखी जा रही है।
ऑनलाइन बुकिंग नहीं होने के कारण लोग कई दिनों से एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। लोगों का कहना है कि गैस खत्म होने के बाद घर में खाना बनाना मुश्किल हो गया है। कई लोग पिछले कुछ दिनों से बाहर का खाना या हल्का.फुल्का नाश्ता कर गुजारा कर रहे हैं। कुछ लोगों ने यह भी शिकायत की कि नंबर लगवाने के बाद भी गैस मिलने की कोई गारंटी नहीं है। सिलेंडर की सीमित आपूर्ति के कारण कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
कलेक्टर बोले, पर्याप्त गैस हैए पैनिक न करें-
घरेलू गैस को लेकर लोगों के बीच चल रही चर्चा और अफवाहों पर जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का बयान भी सामने आया है। उन्होंने जिले की जनता से अपील की है कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है, जिले में पर्याप्त घरेलू गैस उपलब्ध है। कलेक्टर ने कहा कि उपभोक्ता 25 दिन के बाद ही गैस बुक करें। अनावश्यक बुकिंग करने से सर्वर पर अतिरिक्त लोड पड़ता है। जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी होती है और जिन्हें वास्तव में गैस की जरूरत होती है।
उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाता। उन्होंने लोगों से अपील की है कि गैस की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। कलेक्टर ने जिले की सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में कालाबाजारी न होने दी जाए। पुलिस और प्रशासन की टीम भी इस पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि लोग आवश्यकता के अनुसार ही घरेलू गैस का उपयोग करें।











