दमोह के पडरिया थोबन गाँव ने प्रशिक्षु अधिकारियों को किया आश्चर्यचकित पड़रिया थोबन गांव ने जीता स्मार्ट गांव का खिताब अधिकारियों ने गाँव की स्वच्छता, सुजलता और सुशिक्षा से ली प्रेरणा ग्रामीणों ने मिलकर विकसित की मॉडल गाँव की संरचना दमोह(मप्र), 29 अगस्त 2025। भारत की आत्मा गाँवों में बसती है और जब गाँव समृद्ध होंगे, तभी देश आगे बढ़ेगा।
इस दिशा में सरकारें लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन जन भागीदारी मिलने पर गाँव की समृद्धि और प्रभावी बनती है। इसी का जीवंत उदाहरण मध्यप्रदेश के दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक का पडरिया थोबन गाँव है, जिसे स्मार्ट गाँव का खिताब प्राप्त है। एमपी सिविल सेवा के 17 सदस्यीय ट्रेनी अधिकारियों के दल ने गाँव का दौरा किया और इसकी स्वच्छता, सुजलता और सुशिक्षा की व्यवस्था देखकर प्रभावित हुए। अधिकारियों ने कहा कि देश के अन्य गाँवों को भी इस मॉडल से सीख लेनी चाहिए।
पड़रिया थोबन गाँव की सफलता की कहानी कुछ साल पहले शुरू हुई, जब शिक्षित युवक अनुज बाजपेयी ने गाँव को बेहतर बनाने का बीड़ा उठाया। उन्होंने ग्रामीणों और बच्चों की टीम तैयार की और स्वच्छता, शिक्षा और जल व्यवस्था को सुधारने का अभियान शुरू किया। कुछ ही वर्षों में गाँव की सड़कें, स्कूल, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएँ पूरी तरह सुधरीं। प्रशिक्षुओं ने कहा कि इस गांव से मिली प्रेरणा उन्हें अपने सेवाकाल के दौरान बेहतर काम करने में हमेशा प्रेरक रहेगी। वे इसे रोल मॉडल बनाकर अन्य क्षेत्रों में लागू करने का प्रयास करेंगे।











