भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गणतंत्र दिवस 2026 का मुख्य राज्य स्तरीय समारोह लाल परेड मैदान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राष्ट्रध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में शिप्रा नदी के तट स्थित कार्तिक मेला ग्राउंड में ध्वजारोहण किया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी गणतंत्र दिवस का आयोजन हुआ, जहां विधायक और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मौजूद रहे।
हालांकि, राष्ट्रीय पर्व के इस मौके पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई और कांग्रेस व भाजपा के बीच ‘वंदे मातरम’ को लेकर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई।
पीसी शर्मा का आरोप: भाजपा को वंदे मातरम से प्रेम नहीं
मध्य प्रदेश के पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित झंडा वंदन कार्यक्रम में वंदे मातरम का गायन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम देश की आजादी का प्रतीक गीत है और भाजपा नेताओं का स्वतंत्रता संग्राम से कोई सीधा सरोकार नहीं रहा है।
पीसी शर्मा ने कहा, “संसद में वंदे मातरम पर चर्चा भाजपा का केवल इवेंट मैनेजमेंट था। आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर भी उनके कार्यालय में वंदे मातरम नहीं गाया गया। भाजपा को इस गीत से कोई प्रेम नहीं है। आजादी की लड़ाई में ये लोग अंग्रेजों के साथ थे और आज नकली सनातनी व नकली हिंदू बनकर वोट बटोरते हैं।”
भाजपा का जवाब: कांग्रेस को आज राष्ट्र की याद कैसे आई?
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा प्रवक्ता मिलन भार्गव ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के हर कार्यक्रम में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों गाए जाते हैं और वंदे मातरम भाजपा की परंपरा का हिस्सा है।
मिलन भार्गव ने कहा, “कांग्रेस को आज अचानक राष्ट्र की याद कैसे आ गई? वह तो हमेशा सोनिया गीत और राहुल गांधी में ही व्यस्त रहती है। कांग्रेस का पूरा फोकस सिर्फ गांधी परिवार तक सीमित है।”
विजय शाह के झंडा वंदन पर भी सियासी घमासान
गणतंत्र दिवस के अवसर पर जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह ने खंडवा के स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में झंडा वंदन किया। इस पर भी कांग्रेस ने आपत्ति जताई।
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि जिस नेता को पार्टी से बर्खास्त किया जाना चाहिए, वही आज गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है और जिस नेता ने एक बहादुर महिला अधिकारी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, उस पर कार्रवाई करने से भाजपा डर रही है, जबकि अदालत भी निर्देश दे चुकी है।
भाजपा का पक्ष: कोर्ट के निर्देशों का हो रहा पालन
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार न्यायालय के सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रही है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस के दबाव में भाजपा किसी पर कार्रवाई नहीं करती। कानून के तहत जो भी निर्णय होगा, वही लिया जाएगा।”
राष्ट्रीय पर्व पर भी नहीं थमी सियासी तकरार
गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर भी ‘वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग थमती नजर नहीं आई। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की सियासत के केंद्र में आ गया है।











