मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में मध्य प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के 49,263 पदों पर नियमित भर्ती किए जाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय का मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ ने स्वागत करते हुए आभार जताया है।
संघ के प्रांतीय महासचिव हरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि विद्युत वितरण कंपनियों का अस्तित्व बचाने के लिए नियमित भर्ती किया जा अतिआवश्यक हो गया था। हरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि संघ द्वारा लगातार संविदा और आउटसोर्स कर्मचरियों की भर्ती का विरोध करते हुए बिजली कंपनियों के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती किए जाने की मांग की जा रही थी।
उन्होंने बताया कि पिछले 20 वर्षों से लगातार मध्य प्रदेश राज्य विद्युत मंडल की सभी उत्तरवर्ती विद्युत वितरण कंपनियों में कर्मचारियों के सेवानिवृत होने से नियमित तकनीकी कर्मचारियों की अत्यधिक कमी हो गई है, जिससे उपभोक्ता सेवा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। संघ ने इसके लिए अनेक पत्र लिखे, ज्ञापन सौंपे और आंदोलन भी किया। हरेन्द्र श्रीवास्तव ने ये भी कहा कि पिछले 15 वर्षों से जो आउटसोर्स कर्मी कार्य कर रहे हैं उनका नियमितीकरण किया जाए।
संघ के शंभू नाथ सिंह, राम केवल यादव, अजय कश्यप, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, लाखन सिंह राजपूत, केएन लोखंडे, विनोद दास, मोहन दुबे, इंद्रपाल सिंह, संदीप दीपंकर आदि ने नियमित भर्ती किए जाने का निर्णय लेने पर ऊर्जा मंत्री और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा का आभार व्यक्त किया है।











