Friday, April 24, 2026
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MP में कड़ाके की सर्दी का प्रहार , कई शहरों में कोल्ड डे की स्थिति

भोपाल,(हि.स.)। मध्य प्रदेश इस समय कड़ाके की ठंड की चपेट में है। बर्फीली हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है। राजधानी भोपाल में पिछले तीन दिनों से लगातार शीतलहर का असर बना हुआ है, जबकि इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभाग के कई क्षेत्रों में कोल्ड डे की स्थिति दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, आज सोमवार को इंदौर, शाजापुर, धार और नरसिंहपुर में कोल्ड डे के आसार हैं, वहीं भोपाल में शीतलहर का अलर्ट जारी है। रविवार को भी भोपाल और शहडोल शीतलहर से जूझते रहे, जबकि शाजापुर, नरसिंहपुर और बैतूल में दिनभर पारा सामान्य से काफी नीचे बना रहा।

शनिवार और रविवार की दरमियानी रात भोपाल का न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इंदौर और ग्वालियर में 8.4 डिग्री, जबकि जबलपुर में 8.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां लगातार दूसरी रात पारा 4.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी ठंड अपने चरम पर है और यहां तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। उमरिया में 6.1 डिग्री, राजगढ़ में 6.6 डिग्री, रीवा में 6.8 डिग्री, मलाजखंड में 7.1 डिग्री और मंडला में 7.4 डिग्री तापमान रहा।

खजुराहो में 7.8 डिग्री, जबकि नौगांव, नरसिंहपुर और शिवपुरी में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। छिंदवाड़ा, रायसेन, बैतूल, सतना से लेकर सीधी, दमोह और श्योपुर तक ठंड का असर एक समान दिखा और पारा 8 से 9.4 डिग्री के बीच बना रहा।

मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के चलते हुई बर्फबारी और बारिश ने मध्य प्रदेश में शीतलहर को और तीव्र कर दिया है।

उत्तर दिशा से आने वाली इन सर्द हवाओं का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, भोपाल और सागर संभाग में महसूस किया जा रहा है। यहां दिन और रात दोनों ही समय तेज ठंड बनी हुई है।

अगले दो दिनों तक प्रदेश में कोल्ड वेव और कोल्ड डे की परिस्थितियाँ जारी रहने की संभावना है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव भोपाल और इंदौर पर देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग ने चेताया है कि पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय एक और पश्चिमी विक्षोभ जल्द ही हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा, जिससे बर्फबारी और बारिश का दौर फिर शुरू हो सकता है। परिणामस्वरूप उत्तरी हवाओं की ठिठुरन फिलहाल कम होने के आसार नहीं हैं।

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