देशभर में अपने दिव्य दरबार और सनातन धर्म से जुड़े प्रवचनों के कारण चर्चा में रहने वाले Dhirendra Krishna Shastri ने एक बड़ा फैसला लिया है। Bageshwar Dham के पीठाधीश्वर ने घोषणा की है कि वह करीब एक महीने तक पूरी तरह एकांतवास में रहेंगे और इस दौरान दुनिया से संपर्क नहीं रखेंगे।
उन्होंने बताया कि इस अवधि में वे किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम,कथा या दिव्य दरबार में शामिल नहीं होंगे। इतना ही नहीं, वे मोबाइल फोन, टीवी और अन्य संचार माध्यमों से भी दूरी बनाए रखेंगे।
हिमालय के पहाड़ों में करेंगे आध्यात्मिक साधना
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुसार वह मई महीने में उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में स्थित Badrinath Temple के आसपास के पहाड़ों में जाएंगे। वहां वे पूरी तरह एकांत में रहकर ईश्वर भक्ति, साधना और आत्मचिंतन में समय बिताएंगे।
उन्होंने कहा कि यह समय उनके लिए आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने और आत्ममंथन करने का होगा। साधना पूरी होने के बाद वे फिर से भक्तों के बीच लौटेंगे और नई ऊर्जा व नए संकल्प के साथ सनातन धर्म के कार्य को आगे बढ़ाएंगे।
इस दौरान नहीं होगा दिव्य दरबार
शास्त्री के एकांतवास के दौरान Bageshwar Dham में नियमित रूप से लगने वाला दिव्य दरबार आयोजित नहीं किया जाएगा। साथ ही किसी प्रकार की कथा, धार्मिक आयोजन या सार्वजनिक कार्यक्रम भी नहीं होंगे। हालांकि धाम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की नियमित पूजा और व्यवस्थाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
बागेश्वर धाम की देशभर में बढ़ी पहचान
मध्य प्रदेश के Chhatarpur जिले में स्थित बागेश्वर धाम पिछले कुछ वर्षों में देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हो चुका है। यहां हर सप्ताह हजारों श्रद्धालु अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने प्रवचनों और दिव्य दरबार के कारण देशभर में लोकप्रिय हो चुके हैं। उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं, जबकि कई बार उनके दावों को लेकर विवाद और बहस भी होती रही है।
सामूहिक कन्या विवाह से भी मिली पहचान
बागेश्वर धाम में समय-समय पर सामूहिक कन्या विवाह कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह कराया जाता है।
धाम प्रबंधन के अनुसार इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों की मदद करना और सामाजिक सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सामाजिक संगठन भी सहयोग करते हैं।
साधना के बाद लौटेंगे नई ऊर्जा के साथ
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का कहना है कि एकांत साधना के बाद वे फिर से भक्तों के बीच लौटेंगे। उनका विश्वास है कि यह अवधि उन्हें नई आध्यात्मिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा देगी, जिससे वे आगे और ज्यादा उत्साह के साथ धार्मिक कार्यक्रम और समाजसेवा के कार्य कर सकेंगे।
फिलहाल उनके इस फैसले को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है और उनके अनुयायी यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि साधना के बाद वे किस नए संकल्प के साथ लौटेंगे।











