मुंगेर: जिले में डायरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, खासकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में। जैसे-जैसे बाढ़ का पानी घट रहा है, संक्रमण और महामारी फैलने के खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं। हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा लगातार ब्लीचिंग पाउडर और चूना का छिड़काव किया जा रहा है।
13 वर्षीय किशोरी की मौत की खबर
इसी बीच असरगंज प्रखंड से डायरिया से एक 13 वर्षीय किशोरी की मौत की खबर सामने आई है, जबकि उसकी 8 वर्षीय छोटी बहन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला असरगंज प्रखंड के रजौन बाँध का है, जहां कई महादलित परिवार अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं। विकास चौधरी नामक व्यक्ति की चार बेटियाँ—रूचि, सोनाक्षी, शिवानी और सोनाली कुमारी—बीते कुछ दिनों से बीमार थीं। स्थानीय मेडिकल दुकान से दवाइयाँ लाकर बच्चियों को दी जा रही थी।
छोटी बेटी की हालत में सुधार
बुधवार की शाम अचानक बड़ी बेटी रूचि कुमारी (13 वर्ष) को दस्त और उल्टियाँ शुरू हो गईं। परिजन उसे तुरंत असरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद छोटी बेटी सोनाक्षी (8 वर्ष) को भी दस्त और उल्टियाँ होने लगीं। उसे पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर हालत बिगड़ने पर तारापुर अनुमंडलीय अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।
चारों बेटियां बीमार थी
विकास चौधरी, मृत बच्ची के पिता ने बताया: “मेरी चारों बेटियाँ बीमार थीं। मेडिकल दुकान से दवा लाकर दे रहे थे। लेकिन अचानक रूचि की तबीयत बिगड़ी और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। कुछ ही देर में सोनाक्षी की भी हालत बिगड़ गई, जिसे अब तारापुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।”
मृत अवस्था में अस्पताल लाई गई थी बच्ची
मृतिका की माँ ने भी अस्पताल में बिलखते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाई और कहा कि गरीबों के लिए चिकित्सा सुविधा और जागरूकता जरूरी है। डॉ. कामिनी कुमारी, महिला चिकित्सक, असरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने बताया: “बच्ची को जब अस्पताल लाया गया तब वह मृत अवस्था में थी। करीब एक घंटे बाद उसी परिवार की एक अन्य बच्ची को भी दस्त और उल्टी की शिकायत के साथ लाया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया।”











