Thursday, December 11, 2025
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चार राज्यों की 60 राशन दुकानों को ‘जन पोषण केंद्र’ में बदलने के लिए पायलट प्रोजेक्‍ट शुरू

नई दिल्‍ली (हि.स.)। केंद्रीय उपभोक्ता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मामलों के मंत्री प्रहलाद वेंकटेश जोशी ने मंगलवार को चार राज्यों की 60 उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्र में बदलने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस अवसर पर उन्होंने एफपीएस सहाय एप्लीकेशन, मेरा राशन ऐप 2.0, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली, गुणवत्ता मैनुअल हैंडबुक, एफसीआई अनुबंध मैनुअल और 3 प्रयोगशालाओं की एनएबीएल मान्यता को भी लॉन्‍च किया।

प्रहलाद वेंकटेश जोशी ने इस परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि फिलहाल उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और तेलंगाना की 60 उचित मूल्य की राशन दुकानों को ‘जन पोषण केंद्र’ में बदलने के लिए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। इन दुकानों को फेयर प्राइस शॉप (एफपीएस) भी कहा जाता है। एफपीएस को आम बोलचाल में सरकारी राशन की दुकान कहते हैं। देश में लगभग 5.38 लाख राशन की दुकानें हैं। जोशी ने कहा कि जन पोषण केन्द्र उचित मूल्य की दुकानों के डीलरों को बेहतर आय और उपभोक्ताओं को पोषण युक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराएंगे।

जोशी ने कहा कि सरकार के इस कदम का उद्देश्य एफपीएस की व्यवहार्यता को बढ़ावा देना और आम लोगों की पोषण के मामले में पहुंच में सुधार करना है। उन्होंने मौजूदा परिचालन अक्षमताओं का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ क्षेत्रों में एफपीएस सिर्फ 8-9 दिन के लिए खुलते हैं, जबकि दूसरे केंद्र हर तीन महीने में एक बार ही खुलते हैं। बाकी समय ये दुकानें बंद रहती हैं। जोशी ने इस बात पर जोर दिया कि एफपीएस डीलर के लिए मौजूदा कमीशन संरचना अपर्याप्त है। ऐसे में दुकान की जगह और जनशक्ति का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए वैकल्पिक तरीकों की जरूरत है।

खाद्य मंत्री ने कहा कि इस परियोजना का मकसद एफपीएस की व्यवहार्यता और पोषण युक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को बढ़ाना है। उन्‍होनें कहा कि पायलट परियोजना के तहत एफपीएस डीलर को सब्सिडी वाले अनाज के अलावा अपने उत्पादों में विविधता लाने की अनुमति होगी। ये दुकानें अपने नये रंगरूप में अब बाजरा, दालें, डेयरी उत्पाद और दैनिक जरूरत का सामान बेच सकती हैं। इससे डीलरों की कमाई के नए स्रोत खुल सकते हैं।

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