Friday, April 24, 2026
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लैंडिंग के दौरान कहां हुई चूक? जानिए एक्सपर्ट्स की राय,बच सकते थे डिप्टी CM अजीत पवार

महाराष्ट्र के बारामती इलाके में एक निजी विमान के क्रैश होने की रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे देश में कई सवाल खड़े हो गए हैं। जिस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की बात कही जा रही है, वह Learjet 45XR मॉडल का था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-SSK बताया जा रहा है। इस विमान को VSR Aviation ऑपरेट कर रही थी।

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है — आखिर प्लेन क्रैश की वजह क्या हो सकती है? एविएशन विशेषज्ञों के मुताबिक, शुरुआती तौर पर लैंडिंग से जुड़े कई फैक्टर्स की जांच की जा रही है।


टेकऑफ और लैंडिंग क्यों होते हैं सबसे खतरनाक चरण

एविएशन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि उड़ान के दौरान टेकऑफ और लैंडिंग ऐसे दो चरण होते हैं, जब पायलट पर सबसे ज्यादा मानसिक और तकनीकी दबाव होता है।

इस दौरान हवा की रफ्तार, रनवे की स्थिति, विमान की स्पीड, ऊंचाई और कंट्रोल सेकेंड-टू-सेकेंड बदलते रहते हैं। ऐसे में किसी भी स्तर पर हुई छोटी सी गलती बड़े हादसे का कारण बन सकती है।


खराब मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें?

लैंडिंग के समय मौसम की भूमिका बेहद अहम होती है।

  • बारिश से रनवे फिसलन भरा हो जाता है
  • तेज क्रॉस विंड विमान का संतुलन बिगाड़ सकती है
  • धुंध और खराब विजिबिलिटी पायलट की दृश्य क्षमता को प्रभावित करती है

अगर मौसम अचानक बिगड़ा हो और मजबूरी में लैंडिंग की कोशिश की गई हो, तो जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।


रनवे विजिबिलिटी में कमी बनी कारण?

सुरक्षित लैंडिंग के लिए पायलट को रनवे की लाइट्स और मार्किंग साफ दिखाई देना जरूरी होता है।

अगर धुंध हो, बारिश के कारण कॉकपिट ग्लास पर पानी जमा हो या एयरपोर्ट की लाइटिंग सिस्टम में दिक्कत हो, तो विमान सही एलाइनमेंट खो सकता है। इससे प्लेन रनवे से फिसल सकता है या नियंत्रण से बाहर हो सकता है।


हार्ड लैंडिंग से बढ़ता है क्रैश का खतरा

नॉर्मल लैंडिंग में विमान धीरे-धीरे जमीन को छूता है, लेकिन अगर स्पीड ज्यादा हो, एंगल गलत हो या पायलट ने देर से फ्लेयर किया हो, तो विमान जोर से जमीन पर गिर सकता है।

इस स्थिति में:

  • लैंडिंग गियर टूट सकता है
  • विमान उछल सकता है
  • नियंत्रण पूरी तरह खो सकता है

जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।


पायलट का फैसला: ‘गो-अराउंड’ क्यों जरूरी

एविएशन में एक अहम नियम माना जाता है —
“If in doubt, go around”

इसका मतलब है कि अगर लैंडिंग सुरक्षित न लगे, तो विमान को दोबारा ऊपर ले जाकर नई कोशिश करनी चाहिए। गलत समय पर लिया गया फैसला कई बार बड़े हादसे की वजह बन जाता है।


तकनीकी खराबी की भी जांच

लैंडिंग के समय कई सिस्टम एक साथ काम करते हैं —
लैंडिंग गियर, फ्लैप्स, ब्रेक और रिवर्स थ्रस्ट।

इनमें से किसी भी सिस्टम में खराबी आने पर विमान को सुरक्षित उतारना बेहद मुश्किल हो जाता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।


जांच के बाद ही सामने आएगी असली वजह

एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि विमान हादसे अक्सर किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई फैक्टर्स के संयोजन से होते हैं। हादसे की असली वजह विस्तृत तकनीकी जांच, फ्लाइट डेटा और कॉकपिट रिकॉर्डिंग के विश्लेषण के बाद ही साफ हो पाएगी।

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