विख्‍यात पुरातत्‍वविद डॉ जीबी देगलुरकर को पुण्‍यभूषण पुरस्‍कार

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उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने युवा पीढ़ी के समक्ष भारत का वास्‍तविक इतिहास प्रस्‍तुत करने का आह्वान किया है, क्‍योंकि उपनिवेशी शासकों द्वारा लिखे गए इतिहास में अनेक तथ्‍यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।
पुणे महाराष्‍ट्र में आज विख्यात पुरातत्वविद डॉ जीबी देगलुरकर को पुण्यभूषण पुरस्कार से सम्मानित करते हुए उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि दुर्भाग्‍यवश हमारी इतिहास की पुस्‍तकों में मां भारती के अनेक गौरवशाली सपूतों और पुत्रियों द्वारा दिए गए योगदान का उल्‍लेख नहीं किया गया है। इस पुरस्‍कार की स्‍थापना पुण्‍यभूषण फाउंडेशन द्वारा की गई है।
उन्‍होंने कहा कि राष्‍ट्रीय महत्‍व के 3,600 से ज्‍यादा राष्‍ट्रीय महत्‍व के स्‍मारकों की सुरक्षा और संरक्षण भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण विभाग द्वारा किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि इन संरचनाओं में सन्निहित देश के गौरवशाली इतिहास की रक्षा और संरक्षण करना महत्‍वपूर्ण है। उन्‍होंने कहा कि वे सभी भारत के अतीत के निशानियां और हमारी सांस्‍कृतिक अभिव्‍यक्ति के प्रतीक हैं।