नया उजाला: गौरीशंकर वैश्य

65

हम बच्चे, भविष्य निर्माता
हम सबकी ऊँची उड़ान है।

नई सुबह के हम सूरज हैं
नया उजाला फैलाएँगे
झुंड बनाकर चिड़ियों जैसे
खेलेंगे, मन बहलाएँगे

लेंगे सीख लगन से कौशल
दृढ़ इच्छा ऊर्जावान है।

हाथों में प्यारे प्यारे से
रंगबिरंगे गुब्बारे हैं
आँखों में झिलमिल सपनों से
दमक रहे अनगिन तारे हैं

खिलते पुष्प, झूमती तितली
हँसी-खुशी का कीर्तिमान है।
हम सबकी ऊँची उड़ान है।

गौरीशंकर वैश्य विनम्र
117, आदिलनगर, विकासनगर,
लखनऊ, उत्तर प्रदेश-226022
संपर्क- 09956087585