मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी उपार्जन नीति के अनुसार रबी वर्ष 2024-25 में चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन के लिए पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों के विक्रय के लिये किसान 10 मार्च तक अपना पंजीयन करा सकेंगे। इन फसलों के उपार्जन की अवधि 25 मार्च से 31 मई तक निर्धारित की गई है।
उप संचालक कृषि डॉ. एस के निगम ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा रबी वर्ष 2024-25 (विपणन वर्ष 2025-26) के लिये औसत अच्छी गुणवत्ता के चना, मसूर एवं सरसों का समर्थन मूल्य क्रमशः 5 हजार 650 रुपए प्रति क्विंटल, 6 हजार 700 रुपए प्रति क्विंटल एवं 5 हजार 950 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है।
डॉ. निगम के मुताबिक किसान गेहूं पंजीयन केन्द्रों के साथ-साथ एमपी किसान एप, एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर, लोक सेवा केन्द्र, साइबर कैफे एवं स्वयं के मोबाइल के माध्यम से भी चना, मसूर एवं सरसों के लिये पंजीयन करा सकते हैं। सिकमी एवं बटाईदार श्रेणी के किसानों का पंजीयन सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर किया जाएगा।
उप संचालक कृषि ने बताया कि पंजीयन के समय किसानों को बैंक खाता नम्बर एवं आईएफएससी कोड तथा भूमि के अभिलेख खसरा बी-1 एवं सिकमीनामा की जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी। उपसंचालक कृषि ने पंजीयन हेतु किसानों से आधार नंबर से बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि गेहूँ उपार्जन की भांति चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन के लिये भी स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था रहेगी।










