अनूपपुर। एमपी के अनूपपुर स्थित लखनपुर गांव में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मृतक राजेन्द्र के बेटे बबलू पटेल ने पांच लाख रुपए की सुपारी देकर पिता, सौतेली मां रुपा व नौकरानी सीमा पर हमला कराया। जिसमें पिता राजेन्द्र पटेल व नौकरानी की मौत हो गई। सौतेली मां रुपा को जबलपुर के मेडिकल कालेज में भरती कराया गया है। जहां पर रुपा की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार राजेंद्र पटेल ने पहली पत्नी पार्वती को छोड़कर रूपा पटेल से दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी के बेटे आलोक का आरोप था कि पिता और सौतेली मां बचपन से उसके साथ भेदभाव करते थे। परिजन अक्सर उसे डांटते और यह कहते थे कि जमीन-जायदाद छोटे बेटे आयुष के नाम होगी। जिसके चलते आलोक के मन में नफरत रही।

25 नवंबर को 18वें जन्मदिन पर पिता ने दोस्तों संग बाहर जाने पर आलोक को डांटा और थप्पड़ भी मारा। इसी बात से गुस्साए आलोक ने अपने 16 वर्षीय दोस्त से संपर्क किया और पिता-सौतेली मां की हत्या के लिए लड़के तलाशने को कहा। 4 दिसंबर को उसकी मुलाकात एक अन्य नाबालिग से हुई और 5 लाख रुपए में डील तय हुई। पूरी बातचीत नाबालिग ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली। जो पुलिस के लिए अहम सबूत बना।
10 दिसम्बर की रात प्लान के अनुसार मुख्य नाबालिग आरोपी ने अपने साथी देवेंद्र सोनवानी और एक अन्य 17 वर्षीय किशोर को भी शामिल कर लिया। रात करीब 1 बजे सभी लखनपुर पहुंचे, जहां आलोक उनसे मिला। इसके बाद कुल्हाड़ी, वसूला, लाठी व सिलबट्टे के बट्टे से सोते हुए राजेंद्र, रूपा और नौकरानी सीमा बैगा पर हमला कर दिया। हमले में राजेंद्र पटेल और सीमा बैगा की मौके पर मौत हो गई। गंभीर घायल रूपा पटेल को ग्रामीणों ने जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां से उन्हें शहडोल और फिर जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। उनकी हालत अभी भी गंभीर है और वे बयान देने की स्थिति में नहीं हैं।
पुलिस ने मामले में बेटे आलोक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हो गया। बेटेे आलोक पटेल व मृतक राजेंद्र पटेल का जॉइंट अकाउंट था। उसने इसी अकाउंट से 5 लाख रुपए में अपने दो नाबालिग दोस्तों को सुपारी दी थी। पुलिस ने आलोक सहित दो नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं।
आरोपी आलोक पटेल ने घटना के बाद पुलिस को दिए बयान में कहा था कि वह घटना के दौरान खेत जोतने के लिए रात में चला गया था। वह पुलिस को गुमराह करता रहा। जबकि वह अन्य आरोपियों के साथ ही हत्या वाली रात मौजूद था। उसने सीमा बैगा पर प्रहार करते हुए उसे मौत के घाट उतारा था।











