Sunday, July 26, 2026
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महाकाल मंदिर: VIP को अनुमति, आम श्रद्धालु बाहर, सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

उज्जैन। भगवान महाकाल का मंदिर हिंदुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन इन दिनों महाकाल मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में जाने से रोका जा रहा है, जबकि VIP और प्रभावशाली लोगों को बिना रोक-टोक प्रवेश दिया जा रहा है। इस मुद्दे पर अब मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है और जल्द ही इस पर सुनवाई होने वाली है।


सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

सभी भक्तों के लिए एक जैसी व्यवस्था की मांग

इंदौर निवासी वकील चर्चित शास्त्री ने अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि मंदिर प्रशासन द्वारा VIP संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो समानता के अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है।

याचिकाकर्ता ने मांग की है कि महाकाल मंदिर में सभी श्रद्धालुओं के लिए समान व्यवस्था लागू की जाए और किसी विशेष वर्ग को विशेषाधिकार न दिया जाए।


जुलाई 2023 से बंद है गर्भगृह प्रवेश

सावन की भीड़ के बाद नहीं बहाल हुई पुरानी व्यवस्था

महाकाल मंदिर के गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश जुलाई 2023 से बंद है। सावन महीने में भारी भीड़ को देखते हुए उस समय यह निर्णय लिया गया था। मंदिर प्रशासन ने तब कुछ समय बाद पुरानी व्यवस्था बहाल करने का आश्वासन दिया था।

हालांकि, करीब ढाई साल बीत जाने के बाद भी भक्तों को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है।


गणेश मंडपम और नंदी हॉल से ही दर्शन

बाबा महाकाल को स्पर्श करने की इच्छा अधूरी

वर्तमान में श्रद्धालु गणेश मंडपम और नंदी हॉल से ही बाबा महाकाल के दर्शन कर रहे हैं। दूर-दूर से आने वाले भक्तों की इच्छा रहती है कि वे एक बार गर्भगृह में जाकर बाबा महाकाल के निकट से दर्शन और स्पर्श कर सकें।

श्रद्धालुओं का कहना है कि जब कुछ खास लोगों को गर्भगृह में जाने दिया जा रहा है, तो आम भक्तों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है।


अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें

क्या बदलेगी गर्भगृह प्रवेश की व्यवस्था?

इस पूरे विवाद पर अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई अहम मानी जा रही है। अदालत के फैसले से यह तय होगा कि महाकाल मंदिर में गर्भगृह प्रवेश को लेकर नीति बदलेगी या मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी।

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