Tata मोटर्स ने वित्त वर्ष 2030-31 तक 4 नए इलेक्ट्रिक मॉडल और 10 से ज्यादा अपडेटेड कारें लॉन्च करने की योजना बनाई है। कंपनी का लक्ष्य कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में EV की हिस्सेदारी 30% से अधिक करना है।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग लगातार बढ़ रही है। अब यह बाजार शुरुआती दौर से आगे निकल चुका है और तेजी से मुख्यधारा की ओर बढ़ रहा है। इसी बदलते ट्रेंड को देखते हुए टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (Tata Motors PV) ने अपने इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो को बड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी है।
कंपनी का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में नए मॉडल लॉन्च कर ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बनाना और भारतीय EV बाजार में अपनी मजबूत स्थिति को और बेहतर करना है।
FY31 तक लॉन्च होंगी 4 नई इलेक्ट्रिक कारें
Tata मोटर्स की इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन के अनुसार, कंपनी वित्त वर्ष 2030-31 तक चार नए इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च करेगी। इसके साथ ही 10 से अधिक फेसलिफ्ट और अपडेटेड मॉडल भी बाजार में उतारे जाएंगे।
कंपनी का उद्देश्य अपने EV पोर्टफोलियो का विस्तार करना है, ताकि ग्राहकों को अलग-अलग कीमत और जरूरत के अनुसार ज्यादा विकल्प मिल सकें। इससे टाटा मोटर्स भारतीय इलेक्ट्रिक कार बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।
EV बिक्री को 30% से ज्यादा करने का लक्ष्य
Tata मोटर्स ने FY2031 तक अपनी कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य तय किया है।
इसके लिए कंपनी FY31 तक 10 इलेक्ट्रिक नेमप्लेट्स का मजबूत पोर्टफोलियो तैयार करेगी। यानी आने वाले वर्षों में ग्राहकों को टाटा की ओर से पहले से कहीं ज्यादा इलेक्ट्रिक कारों के विकल्प मिलेंगे।
मौजूदा लाइनअप में शामिल हैं ये मॉडल
फिलहाल Tata मोटर्स के इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो में कई लोकप्रिय मॉडल मौजूद हैं। इनमें Xpres-T, Curvv.ev, Harrier.ev, Nexon.ev, Punch.ev और Tiago.ev शामिल हैं।
आने वाले समय में कंपनी Sierra.ev, Avinya कॉन्सेप्ट पर आधारित नया मॉडल और दो अन्य नई इलेक्ट्रिक कारें भी लॉन्च करेगी। इसके अलावा मौजूदा मॉडल्स के फेसलिफ्ट और अपडेटेड वर्जन भी बाजार में पेश किए जाएंगे, जिससे ग्राहकों को नए फीचर्स और बेहतर तकनीक का लाभ मिलेगा।
नई बैटरी तकनीक पर भी काम जारी
Tata मोटर्स केवल नए मॉडल लॉन्च करने पर ही ध्यान नहीं दे रही है। कंपनी अगली पीढ़ी की बैटरी तकनीक विकसित करने पर भी तेजी से काम कर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 75kWh से अधिक क्षमता वाली थर्ड-जनरेशन बैटरी पर विचार कर रही है। इस नई तकनीक से मौजूदा बैटरियों की तुलना में दो से तीन गुना अधिक ड्राइविंग रेंज, करीब तीन गुना तेज चार्जिंग और 20 से 23 प्रतिशत अधिक एनर्जी डेंसिटी मिलने की उम्मीद है।
यदि यह तकनीक सफल होती है, तो भविष्य में Tata की इलेक्ट्रिक कारें पहले से अधिक लंबी दूरी तय कर सकेंगी और कम समय में चार्ज भी होंगी।
भारतीय EV बाजार में आया बड़ा बदलाव
Tata मोटर्स का मानना है कि भारत का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार अब “अर्ली एडॉप्टर्स” के दौर से आगे बढ़ चुका है। अब यह “अर्ली मेजॉरिटी” के चरण में प्रवेश कर रहा है।
इसका मतलब है कि अब केवल नई तकनीक पसंद करने वाले ग्राहक ही नहीं, बल्कि आम उपभोक्ता भी इलेक्ट्रिक कारों को भरोसेमंद और व्यावहारिक विकल्प मानने लगे हैं। यही वजह है कि EV की मांग लगातार बढ़ रही है।
ग्राहकों की सोच भी तेजी से बदल रही है
कंपनी के अनुसार, EV बाजार में अर्ली एडॉप्टर्स की हिस्सेदारी लगभग 13.5 प्रतिशत है। वहीं अर्ली मेजॉरिटी और लेट मेजॉरिटी की हिस्सेदारी करीब 34-34 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
इसके अलावा लैगार्ड्स की हिस्सेदारी लगभग 16 प्रतिशत और इनोवेटर्स की केवल 2.5 प्रतिशत है। इनोवेटर्स वे ग्राहक होते हैं, जो सबसे पहले नई तकनीक अपनाते हैं। दूसरी ओर, लैगार्ड्स नई तकनीक को सबसे अंत में स्वीकार करते हैं।
इन आंकड़ों से साफ है कि भारत का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार अब तेजी से परिपक्व हो रहा है। ऐसे में आने वाले वर्षों में Tata मोटर्स नए मॉडल, एडवांस्ड बैटरी तकनीक और बेहतर फीचर्स के दम पर EV सेगमेंट में अपनी बढ़त और मजबूत करने की तैयारी में है।










