Indian Railway : पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) ने माल ढुलाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय रेलवे में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है। गुड्स ट्रैफिक और कमोडिटी-वार फ्रेट लोडिंग बढ़ाने के उद्देश्य से वाणिज्य एवं परिचालन विभाग द्वारा लगातार मॉनिटरिंग, समीक्षा बैठकों और विशेष रणनीतियों पर काम किया जा रहा है। जबलपुर, भोपाल और कोटा मंडलों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों का ही परिणाम है कि जून 2026 में पमरे ने 5.46 मिलियन टन फ्रेट लोडिंग कर 547 करोड़ 57 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया। यह उपलब्धि न केवल पमरे की परिचालन दक्षता को दर्शाती है, बल्कि भारतीय रेलवे में माल परिवहन के क्षेत्र में उसकी अग्रणी भूमिका को भी मजबूत करती है।
लोडिंग में पमरे द्वारा ये उपलब्धियाँ प्राप्त की गईं –
विभिन्न प्रमुख कमोडिटी की फ्रेट लोडिंग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। लौह अयस्क (आयरन ओर) की 0.12 मिलियन टन लोडिंग के साथ पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 38.82 प्रतिशत की सर्वाधिक बढ़ोतरी हुई।
वहीं, उर्वरक (फर्टिलाइजर) की 0.43 मिलियन टन लोडिंग में 30.77 प्रतिशत और क्लिंकर की 1.02 मिलियन टन लोडिंग में 20.62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इसके अलावा कंटेनर लोडिंग 0.10 मिलियन टन रही, जो पिछले वर्ष से 6.59 प्रतिशत अधिक है, जबकि 0.36 मिलियन टन खाद्यान्न (फूड ग्रेन) की ढुलाई के साथ 1.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल हुई।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पमरे ने विविध कमोडिटी की माल ढुलाई में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी परिचालन क्षमता और राजस्व वृद्धि को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।











