Mohan Bhagwat ने कहा कि Asha Bhosle ने दशकों तक अपनी साधना और प्रतिभा के दम पर भारतीय सिनेमा को अनगिनत यादगार गीत दिए, जो हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी गायकी ने न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत को भी समृद्ध किया। उनके गीतों में भारतीयता की झलक साफ दिखाई देती थी, जिसने उन्हें हर वर्ग के लोगों के बीच खास पहचान दिलाई।
Asha Bhosle Passes Away: उन्होंने आगे कहा कि Asha Bhosle की देशभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा स्पष्ट रही। अपने लंबे करियर में उन्होंने संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए Mohan Bhagwat ने कहा कि उनके अतुलनीय योगदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
Asha Bhosle Passes Away: बताते चलें कि Asha Bhosle का संगीत सफर कई दशकों तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने हजारों गीतों को अपनी आवाज दी। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें भारतीय संगीत की सबसे अलग और खास आवाजों में शामिल किया। आज भले ही उनकी आवाज खामोश हो गई हो, लेकिन उनके गीत हमेशा अमर रहेंगे और उनका योगदान देश हमेशा याद रखेगा। ॐ शांति।
Asha Bhosle Passes Away: HISTORY
महाराष्ट्र के मशहूर मंगेशकर परिवार में जन्मीं Asha Bhosle, दिग्गज गायिका Lata Mangeshkar की छोटी बहन थीं। दोनों बहनों को उनके पिता Deenanath Mangeshkar से शास्त्रीय संगीत की शुरुआती शिक्षा मिली थी। साल 1942 में पिता के निधन के समय आशा जी की उम्र मात्र 9 वर्ष थी। इसके बाद परिवार की आर्थिक स्थिति संभालने के लिए उन्हें और लता मंगेशकर को फिल्मों में गाना शुरू करना पड़ा।
उन्होंने Chunariya (1948) से अपने करियर की शुरुआत की, लेकिन सफलता के शिखर तक पहुंचने में उन्हें लंबा संघर्ष करना पड़ा। उस समय Lata Mangeshkar, Shamshad Begum और Geeta Dutt जैसी बड़ी गायिकाओं का दबदबा था। शुरुआती दौर में Asha Bhosle को अक्सर वे गाने मिलते थे जिन्हें मुख्य गायिकाएं छोड़ देती थीं या जो फिल्मों में वैम्प और साइड किरदारों पर फिल्माए जाते थे।