ईरान के सुप्रीम लीडर अली हुसैनी खामेनेई के अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे जाने की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस घटनाक्रम का असर कतर, सऊदी अरब, इराक और भारत सहित कई देशों में महसूस किया जा रहा है। भारत में भी कुछ वर्गों ने इस हमले की निंदा करते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
इसी बीच गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे सीमा पार करने वाला कदम बताया।
“अब किसी को संतुलन बनाना होगा”
जावेद अख्तर ने अपने पोस्ट में अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का नाम लेते हुए लिखा कि यदि इस तरह की कार्रवाई को जारी रखने की छूट दी गई, तो वैश्विक संतुलन बिगड़ सकता है। उनका मानना है कि अगर ईरान के साथ इराक जैसा व्यवहार दोहराया गया, तो अंतरराष्ट्रीय राजनीति में गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में चीन एक ऐसी शक्ति हो सकता है जो इस स्थिति में संतुलन स्थापित करने की भूमिका निभाए। हालांकि उन्होंने इसे अपना व्यक्तिगत आकलन बताया।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
जावेद अख्तर के पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने अमेरिका और इजरायल पर अंकुश लगाने की जरूरत बताई, तो कुछ ने उनके बयान की आलोचना की। एक यूजर के सुझाव पर कि “चीन से बात कीजिए”, जावेद ने जवाब दिया कि उन्हें किसी को कुछ बताने की जरूरत नहीं, यह उनका अनुमान है और समय बताएगा कि आगे क्या होता है।
पहले भी दे चुके हैं तीखी प्रतिक्रियाएं
यह पहला मौका नहीं है जब जावेद अख्तर ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर राय रखी हो। इससे पहले उन्होंने तालिबान की कड़ी आलोचना करते हुए उसे असभ्य और बर्बर करार दिया था।
चाहे देश के आंतरिक मुद्दे हों या वैश्विक राजनीति, जावेद अख्तर अक्सर सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर बेबाक टिप्पणी करते रहे हैं।











