Friday, October 9, 2026
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‘परिंदा’ की शूटिंग में सच में झुलस गए थे नाना पाटेकर, जानिए उस खतरनाक सीन के पीछे की दर्दनाक कहानी

नाना पाटेकर का नाम हिंदी और मराठी सिनेमा के उन दिग्गज कलाकारों में शुमार है, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय से खास पहचान बनाई. करीब पांच दशक के करियर में उन्होंने गंभीर भूमिकाओं से लेकर खलनायक और कॉमेडी किरदारों तक अपनी अभिनय क्षमता का अलग-अलग अंदाज दिखाया. लेकिन उनके करियर से जुड़ा एक किस्सा ऐसा भी है, जिसे सुनकर किसी भी फिल्म प्रेमी के रोंगटे खड़े हो सकते हैं.

यह कहानी 1989 में आई फिल्म ‘परिंदा’ की शूटिंग से जुड़ी है. फिल्म में नाना ने गैंगस्टर अन्ना का किरदार निभाया था और क्लाइमेक्स में आग के बीच फिल्माया गया उनका दृश्य आज भी याद किया जाता है.

फिल्मी पर्दे पर दिखी आग असली थी –

‘परिंदा’ के क्लाइमेक्स में नाना पाटेकर का किरदार आग की लपटों के बीच फंस जाता है. दर्शकों को यह दृश्य बेहद वास्तविक लगा था, लेकिन इसकी वजह सिर्फ शानदार अभिनय नहीं थी. शूटिंग के दौरान आग का इस्तेमाल वास्तव में किया गया था.

नाना ने बाद में टीवी कार्यक्रम ‘आप की अदालत’ में इस घटना का जिक्र करते हुए बताया था कि शूटिंग के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि वह वास्तव में आग की चपेट में आ चुके हैं. उन्होंने यह भी बताया था कि उस समय उनके शरीर से जली हुई त्वचा का हिस्सा नीचे गिरता हुआ दिखाई दिया.

सुरक्षा को लेकर फिल्म निर्देशक भी थे चिंतित –

फिल्म के निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा ने इस सीन को लेकर सुरक्षा का पूरा इंतजाम करने की कोशिश की थी. उस समय आज जैसी डिजिटल तकनीक और विजुअल इफेक्ट्स की सुविधाएं आम नहीं थीं, इसलिए आग वाला दृश्य वास्तविक परिस्थितियों में शूट किया गया.

बताया जाता है कि नाना ने फायर प्रोटेक्शन को लेकर अपनी अलग राय रखी थी. शूटिंग के दौरान आग अचानक उनके करीब पहुंच गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर होती नजर आई. उन्हें खुद को बचाने के लिए वहां से निकलना पड़ा, जबकि कैमरा उस पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड कर रहा था.

घटना के बाद काफी लंबे समय तक चला था इलाज –

यह घटना महज मामूली चोट तक सीमित नहीं रही. नाना को गंभीर रूप से चोट लगी और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. हादसे के बाद उन्हें ठीक होने में लंबा समय लगा और कुछ समय तक वह सामान्य रूप से काम भी नहीं कर सके.

यही वजह है कि ‘परिंदा’ का वह क्लाइमेक्स सिर्फ फिल्म का एक सीन नहीं माना जाता. उसके पीछे अभिनेता का वास्तविक जोखिम और दर्द भी जुड़ा हुआ है.

अन्ना के किरदार ने बदल दी पहचान

‘परिंदा’ में नाना पाटेकर का अन्ना वाला किरदार उनके करियर के सबसे चर्चित किरदारों में शामिल हुआ. उन्होंने इस भूमिका में गुस्से, क्रूरता, डर और भावनात्मक कमजोरी को एक साथ पर्दे पर उतारा.

फिल्म में अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित भी अहम भूमिकाओं में थे. फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली और नाना के अभिनय को भी व्यापक सराहना मिली.

खलनायक से कॉमेडी तक हर किरदार में था दम –

नाना पाटेकर ने अपने करियर में किसी एक तरह की भूमिका तक खुद को सीमित नहीं रखा. ‘क्रांतिवीर’ में उनका तेवर अलग नजर आया, जबकि ‘अब तक छप्पन’ में उन्होंने पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया.

इसके उलट ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी की भूमिका ने उनके हास्य अभिनय का अलग रंग दर्शकों के सामने रखा. मराठी सिनेमा और रंगमंच में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है. ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्म में उनके अभिनय ने उनकी गहरी अभिनय क्षमता को फिर सामने रखा.

‘परिंदा’ का आग वाला दृश्य आज भी उनके करियर के उन प्रसंगों में गिना जाता है, जहां पर्दे पर दिखाई गई तीव्रता के पीछे अभिनेता का वास्तविक जोखिम भी शामिल था.

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