भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। कल की तेज उछाल के बाद सोना फिसलकर ₹1,57,860 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं, चांदी भी नरम पड़ते हुए ₹2,60,685 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है।
29 जनवरी को लाइफटाइम हाई छूने के बाद दोनों कीमती धातुओं में आई तेज गिरावट को बाजार की भाषा में ‘करेक्शन’ कहा जा रहा है। यानी यह घबराहट नहीं, बल्कि रिकॉर्ड तेजी के बाद कीमतों का संतुलन है। हालांकि अपने ऑल-टाइम हाई के मुकाबले चांदी अब भी करीब ₹1.59 लाख सस्ती मिल रही है।
MCX अपडेट: आज की शुरुआती ट्रेडिंग
12 फरवरी की सुबह बाजार खुलते ही सोना और चांदी लाल निशान में दिखाई दिए।
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सोना (अप्रैल फ्यूचर्स): ₹895 (0.56%) की गिरावट के साथ ₹1,57,860 प्रति 10 ग्राम
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चांदी (मार्च फ्यूचर्स): ₹2,333 (0.89%) टूटकर ₹2,60,685 प्रति किलोग्राम
कल की बड़ी तेजी के बाद आज की नरमी से उन खरीदारों को राहत मिली है जो गिरावट का इंतजार कर रहे थे।
बड़े शहरों में 22K और 24K सोने का रेट
देश की राजधानी दिल्ली में:
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24 कैरेट सोना: ₹15,976 प्रति ग्राम
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22 कैरेट सोना: ₹14,646 प्रति ग्राम
अन्य शहरों में भी कीमतों में हल्का बदलाव देखने को मिल रहा है। अगर आप ज्वेलरी खरीदने या गोल्ड ETF/डिजिटल गोल्ड में निवेश की सोच रहे हैं, तो यह गिरावट एक अवसर साबित हो सकती है।
चांदी के शहरवार भाव
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मुंबई: ₹2,63,270 प्रति किलो
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दिल्ली: ₹2,62,820 प्रति किलो
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चेन्नई: ₹2,64,040 प्रति किलो
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हैदराबाद: ₹2,63,690 प्रति किलो
गिरावट की वजह क्या है?
सोने और चांदी की कीमतों पर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का असर साफ दिख रहा है। जनवरी में अमेरिका में नॉनफार्म पेरोल डेटा उम्मीद से बेहतर रहा, जिससे डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड मजबूत हुए। मजबूत डॉलर के कारण विदेशी खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे बिकवाली बढ़ती है।
इसके अलावा, मजबूत जॉब्स डेटा के बाद बाजार अब जून की बजाय जुलाई में पहली ब्याज दर कटौती की उम्मीद कर रहा है। ऊंची ब्याज दरें कीमती धातुओं पर दबाव डालती हैं।
फिलहाल इंटरनेशनल मार्केट में सोना करीब $5,050 प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी करीब 82 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गई है।
आगे क्या रहेगा रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि अब बाजार की नजर आने वाले US Inflation डेटा पर रहेगी। अगर महंगाई के आंकड़े नरम आते हैं तो शाम तक रिकवरी देखने को मिल सकती है, वरना गिरावट और गहरी हो सकती है।
सोने में निचले स्तरों पर मांग बनी हुई है, जिससे इसे सपोर्ट मिल रहा है। वहीं चांदी में मुनाफे की संभावना ज्यादा है, लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव भी अधिक रहता है।
अगर आप निवेशक हैं, तो यह गिरावट लंबी अवधि के लिए अवसर बन सकती है। वहीं ट्रेडर्स के लिए अगले कुछ सत्र काफी अहम रहने वाले हैं।











