पटना (हि.स.)। बिहार की राजधानी पटना समेत सीमांचल जिलों में आज तड़के से कुछ समय पहले 2ः36 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप नेपाल के बागमती प्रांत में आया।
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने भूकंप की तीव्रता 5.6 और गहराई 10 किलोमीटर (6.21 मील) बताई, जबकि यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने इसकी तीव्रता 5.5 बताई। भूकंप के प्रभाव का अभी भी आकलन किया जा रहा है, लेकिन किसी तरह के नुकसान या हताहत होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।
उल्लेखनीय है कि नेपाल दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्रों में से एक पर स्थित है। जहां भारतीय टेक्टोनिक प्लेट सालाना लगभग 5 सेंटीमटर की दर से यूरेशियन प्लेट में धकेलती है। यह टेक्टोनिक हलचल न केवल हिमालय के पहाड़ों को ऊपर उठाती है, बल्कि पृथ्वी की सतह के नीचे अत्यधिक तनाव भी पैदा करती है। जब यह तनाव चट्टानों की ताकत से अधिक हो जाता है, तो यह भूकंप के रूप में निकलता है, जो नेपाल और आसपास के हिमालयी क्षेत्र में लगातार भूकंपीय गतिविधि से हलचल मचाता रहता है।
सीमांचल जिले अररिया में लोग अपने घरों में गहरी नींद सोए हुए थे कि उसी समय भूकंप के झटके से लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र नेपाल का बागमती क्षेत्र था। भूकंप सुबह 2:36 बजे आया।
भूकंप से घरों के पंखे झूमर आदि हिलने शुरू हो गए और लोगों के बीच अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। हालांकि देर रात ढाई बजे का समय होने के कारण ज्यादातर लोगों नींद में थे, इसलिए कई लोगों को इसका पता भी नहीं चला।










