PM Surya Ghar Yojna: गर्मी के मौसम में बढ़ते बिजली बिल से परेशान लोग अब तेजी से रूफटॉप सोलर की ओर बढ़ रहे हैं। इसी बीच केंद्र सरकार ने पीएम सूर्य घर योजना को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है।
न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी मिनिस्ट्री (MNRE) ने साफ किया है कि जो उपभोक्ता केंद्र सरकार की सोलर सब्सिडी नहीं लेना चाहते, वे ‘गिव इट अप’ ऑप्शन चुन सकते हैं। इसके बाद उन्हें नॉन-डीसीआर (Non-DCR) सोलर पैनल लगाने की अनुमति मिल सकेगी।
सरकार के इस फैसले से उन लोगों को फायदा होगा, जो अपनी पसंद और बजट के हिसाब से सोलर सिस्टम लगाना चाहते हैं।
PM Surya Ghar Yojna: क्या है नया नियम?
सरकार ने बताया है कि यह छूट 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी। इसके जरिए उपभोक्ताओं को सोलर पैनल चुनने में ज्यादा आजादी मिलेगी।
पहले पीएम सूर्य घर योजना के तहत सब्सिडी लेने वाले लोगों को कुछ जरूरी नियमों का पालन करना पड़ता था। इसमें डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (DCR) वाले सोलर मॉड्यूल और सरकार द्वारा तय मानकों को पूरा करना शामिल था।
लेकिन अब अगर कोई व्यक्ति सब्सिडी नहीं लेना चाहता है, तो वह ‘गिव इट अप’ ऑप्शन चुनकर इन शर्तों से छूट पा सकता है।
PM Surya Ghar Yojna: नॉन-डीसीआर पैनल लगाने की मिलेगी सुविधा
MNRE ने यह फैसला सोलर इंडस्ट्री और अन्य हितधारकों के सवालों के बाद लिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत ‘गिव इट अप’ चुनने वाले उपभोक्ताओं को नॉन-डीसीआर सोलर पैनल लगाने की अनुमति होगी।
इसका मतलब है कि ग्राहक बाजार में उपलब्ध दूसरे विकल्पों में से अपने बजट और जरूरत के हिसाब से पैनल चुन पाएंगे।
हालांकि यह छूट सिर्फ आवासीय रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स पर लागू होगी। योजना के बाहर होने वाले सोलर इंस्टॉलेशन पर पहले की तरह एएलएमएम (Approved List of Models and Manufacturers) के नियम लागू रहेंगे।
PM Surya Ghar Yojna: सब्सिडी छोड़ने पर क्या बदलेगा?
पीएम सूर्य घर योजना में आमतौर पर सब्सिडी लेने वाले उपभोक्ताओं को सरकार की गाइडलाइन फॉलो करनी होती है। इसके तहत डीसीआर मॉड्यूल और अन्य नियम जरूरी होते हैं।
लेकिन ‘गिव इट अप’ ऑप्शन चुनने पर ग्राहक केंद्र सरकार की सब्सिडी नहीं ले पाएंगे। बदले में उन्हें नॉन-डीसीआर पैनल लगाने की सुविधा मिलेगी।
खास बात यह है कि ऐसे ग्राहक नेट मीटरिंग सुविधा का फायदा उठा सकेंगे। यानी सोलर से बनी अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने की सुविधा जारी रहेगी।
इस पूरी प्रक्रिया के लिए आवेदन पीएम सूर्य घर नेशनल पोर्टल के जरिए ही करना होगा। इसके लिए अलग से किसी पोर्टल पर आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
PM Surya Ghar Yojna: ग्राहकों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा, जिन्हें डीसीआर मॉड्यूल की उपलब्धता या कीमत को लेकर परेशानी होती थी।
कई जगहों पर डीसीआर मानकों वाले सोलर पैनल सीमित मात्रा में उपलब्ध होते हैं। बढ़ती मांग के कारण इनकी कीमत भी ज्यादा हो सकती है। ऐसे में नॉन-डीसीआर पैनल का विकल्प मिलने से ग्राहक जल्दी और कम खर्च में सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं।
PM Surya Ghar Yojna: 3 किलोवाट सोलर सिस्टम पर कितनी बचत?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, 3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने में लगभग 1.8 लाख से 2.3 लाख रुपये तक खर्च आ सकता है।
इस पर केंद्र सरकार की ओर से करीब 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। हालांकि ‘गिव इट अप’ ऑप्शन चुनने वालों को यह लाभ नहीं मिलेगा। फिर भी कई मामलों में सस्ता पैनल चुनने और जल्दी इंस्टॉलेशन होने से ग्राहकों को फायदा मिल सकता है।
PM Surya Ghar Yojna: सरकार का बड़ा लक्ष्य
सरकार का उद्देश्य देशभर में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है। बिजली की बढ़ती जरूरत और महंगे बिलों के बीच रूफटॉप सोलर एक अच्छा विकल्प बन रहा है।
यह फैसला पीएम सूर्य घर योजना को ज्यादा लचीला बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों की सलाह है कि सब्सिडी छोड़ने से पहले सभी फायदे और नियमों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।
क्योंकि कुछ राज्यों में अतिरिक्त सब्सिडी या दूसरी सुविधाएं भी मिल सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले योजना की पूरी जानकारी लेना जरूरी है।











